औरंगाबाद के नबीनगर प्रखंड के ठेंगो पंचायत अंतर्गत गोशलडीह गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी है। जिसके कारण ग्रामीणों को आवाजाही करने में काफी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी ज्यादा हो जाती है। ग्रामीण किसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन उन्हें अब तक निराशा ही हाथ लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव में सड़क और स्कूल बनवाने का आश्वासन देते हैं। लेकिन इसके बाद भूल जाते हैं। झारखंड में पढ़ने जाते हैं बच्चे ग्रामीण ललन यादव, निरंजन सिंह, सुरेश यादव, प्रिंस यादव,राजकिशोर यादव, कमलेश यादव व गुड्डू यादव ने बताया कि उनका गांव बिहार झारखंड के सीमावर्ती इलाके में स्थित है। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए पढ़ाई करने झारखंड स्थित गांव में जाते हैं। जिसके कारण बच्चों को काफी परेशानी होती है। गांव की आबादी लगभग 1200 है। इसके बावजूद भी यहां स्कूल सड़क व अन्य मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों को लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर पक्की तक पहुंचाना पड़ता है। अगर कोई बीमार हो गई, तो उसे पक्की सड़क तक ले जाने के लिए खाट एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है। 1 साल पहले विधायक ने दिया था सड़क बनवाने का आश्वासन ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह एक साल पहले उनके गांव में पहुंचे थे। सड़क व स्कूल बनवाने का आश्वासन दिया था। अब उनका कार्यकाल समाप्त होने को है। लेकिन अभी तक न सड़क बनी न स्कूल। ग्रामीणों ने कहा कि अगर चुनाव के पहले उनके गांव में सड़क नहीं बना, तो उनके गांव की 1200 लोग 12 गांव में घूम-घूम कर लोगों को वोट बहिष्कार करने का अपील करेंगे।