भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड के बाढ़ पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि नहीं मिला है। जिसको लेकर बुधवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में समाजसेवी अजीत कुमार के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने नारे लगाए गए 'बाढ़ राहत राशि में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा, अंचल पदाधिकारी की मनमानी नहीं चलेगी' और 'घोटाले की जांच करनी होगी'। धरना में शामिल बाढ़ पीड़ित सुनील ने बताया कि अब तक किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि अंचल प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे कराया गया था, जिसमें उनके नाम दर्ज किए गए। इसके बावजूद मुआवजा राशि उन्हें नहीं दी गई। वहीं, कुछ चुनिंदा लोगों को ही मुआवजा का लाभ मिल पाया है। कार्यशैली पर सवाल समाजसेवी अजीत कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की अनदेखी करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा अंचल पदाधिकारी रवि कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कई प्रभावित परिवार अब भी राहत राशि से वंचित हैं। यह मुआवजा राशि वितरण में घोटाले का संकेत है। हम इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। अजीत कुमार ने यह भी कहा कि बाढ़ राहत राशि गरीब और जरूरतमंदों के लिए है, लेकिन भ्रष्टाचार और मनमानी की वजह से इसका सही लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार, स्थानीय विधायक और उच्च अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ प्रभावित लोगों ने भी अपनी आपबीती सुनाई धरना में बैठे बाढ़ प्रभावित लोगों ने भी अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ित प्रकाश ने बताया बाढ़ के दौरान उनकी फसलें बर्बाद हो गईं, घरों में पानी घुस गया और आजीविका पूरी तरह से प्रभावित हुई, लेकिन सरकारी स्तर पर उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही। ऐसे हालात में पीड़ित परिवार बदहाली में जीने को मजबूर हैं। धरना में शामिल प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।