बिहार में विकास का ब्लूप्रिंट, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, विकास के नए रास्ते खुलेंगे

Aug 14, 2025 - 04:30
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बिहार में विकास का ब्लूप्रिंट, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, विकास के नए रास्ते खुलेंगे
बिहार में नई औद्योगिक क्रांति का प्लॉट तैयार हो गया है। पटना, बेगूसराय, सहरसा, सीवान और मधेपुरा जिलों में बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों(परिसरों) की स्थापना होगी। इसके अलावा गोपालगंज जिले के औद्योगिक क्षेत्र का भी विस्तार होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। बैठक में 30 एजेंडों पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि इन सभी स्थानों पर 2627 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर 812 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित होंगे। वहीं आम लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सूचना भवन सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के अलावा गया के डोभी में बन रहे अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरीडोर परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) का निर्माण हो रहा है। इसके विस्तार के लिए मोहनपुर अंचल के विभिन्न मौजा में 700 एकड़ तथा फतेहपुर अंचल में 600 एकड़ यानी कुल 1300 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस पर 416 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन एजेंडों को भी मंजूरी, जेपी आंदोलन में जेल में रहे लोगों की पेंशन भी दोगुना कर दी गई आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर जेपी आंदोलन के क्रम में जेल में रहे लोगों का पेंशन दोगुनी कर दी गई है। बीएलओ के मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 14,000 सालाना कर दिया गया है। बीएलओ सुपरवाइजर को अब 15 हजार की जगह 18,000 रुपये सालाना मिलेंगे। कृषि विभाग की योजनाओं का रियल टाइम लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय का गठन होगा। नई उड़ान... मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, मुंगेर, वीरपुर, वाल्मीकिनगर में नए एयरपोर्ट मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर, सहरसा, वीरपुर व वाल्मीकिनगर में नए एयरपोर्ट बनेंगे। एयरपोर्ट के निर्माण में आने वाली बाधाओं और उनके समाधान के लिए ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सर्फेस सर्वे कराया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 290 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। गयाजी एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार करने के लिए 18 एकड़ अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां कैट-आई लाइट भी लगाई जाएगी। इस पर 137 करोड़ 37 लाख खर्च होंगे। सीवान स्थान: अटवा, मैरवा जमीन: 167 एकड़ लागत: 114 करोड़ फायदा: छोटे-बड़े 300 उद्योग लग सकते हैं। 15-16 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। पटना स्थान: सैदपुर, बख्तियारपुर जमीन: 500 एकड़ लागत: 219 करोड़ फायदा: छोटे-बड़े एक हजार उद्योग लग सकते हैं। 50 हजार को प्रत्य़क्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिल मधेपुरा स्थान: विषवाड़ी, उदाकिशुनगंज में जमीन: 276.52 एकड़, 548.87 एकड़ लागत : 41 करोड़ फायदा: 1700-1800 उद्योग लगेंगे। 80-90 हजार को रोजगार मिलेगा। सहरसा स्थल : वनगांव जमीन : 420.62 एकड़ लागत: 88 करोड़ फायदा: :छोटे-बड़े 800-900 उद्योग लग सकते हैं। 40-45 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। बेगूसराय स्थान: कुसमौत जमीन : 991 एकड़ लागत: 351 करोड़ फायदा: यहां कुटीर, लघु व मध्यम लगभग दो हजार उद्योग लगेंगे। लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिल यहां नए औद्योगिक क्षेत्र की होगी स्थापना कैबिनेट का फैसला }पटना समेत पांच जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र... बढ़ेगा निवेश बिहार में निवेश को लेकर सबसे बड़ी समस्या? उत्तर: निवेश के लिए उद्योगपतियों को औद्योगिक जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती थी। इस वजह से कई इच्छुक निवेशक अपने प्रोजेक्ट शुरू नहीं कर पाए। जमीन खरीदने में क्या दिक्कतें आती थीं? उत्तर: जमीन खरीदने की कोशिश में उन्हें धोखाधड़ी और कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता था, जिससे निवेश अटक जाता था। सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? उत्तर: सरकार ने निर्णय लिया है कि वह निवेश करने वाले उद्योगपतियों को जमीन खुद उपलब्ध कराएगी। ताकि जमीन ढूंढनी ना पड़े। आसानी से मिलने पर प्रोजेक्ट जल्दी शुरू हो सकें। बिहार को क्या लाभ होगा? उत्तर: औद्योगिक परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरेंगी। काम-धंधों का विकास होगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

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