मुंगेर में बाढ़ और बारिश से लोगों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। समाहरणालय के पास स्थित शहीद के सी सुरेंद्र पार्क में सदर प्रखंड के जाफरनगर पंचयात के सीताचरण गांव के बाढ़ पीड़ित काफी संख्या में पॉलीथिन सीट का टेंट बनाकर करीब एक सप्ताह से रह रहे है। बाढ़ आश्रित स्थल में कई प्रसव महिला भी अपने परिवार और बच्चो के साथ रह रही है। इसी में एक परिवार दिलीप सिंह अपनी पत्नी अनीता देवी और एक छोटे बच्चे के साथ रह रहा है। वहीं, जब बुधवार को अहले सुबह तीन बजे अनीता देवी को प्रसव पीड़ा का दर्द उठा। सड़क पर महिला ने बच्चे को दिया जन्म परिवार के लोग उसे हॉस्पिटल ले जाने के लिए इधर उधर वाहनों को ढूंढने लगे। वहीं, तेज बारिश के कारण किसी तरह परिवार वाले ने एक ऑटो को बुलाया, जब महिला को ऑटो बैठाने लगी तभी महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद आनन-फानन में परिजनों ने महिला और बच्चे को प्रसव केंद्र ले गई, जहां नर्स ने बच्चे का नाभि मां से अलग किया। वहीं, परिजनों ने जब महिला को अस्तपताल में भर्ती और उसका नाम जुड़वाने के लिए कहा तो डयूटी पर तैनात महिला नर्स ने नहीं किया। कुछ दवाई देकर परिजन से महिला को ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन ने महिला को किसी तरह अपने बाढ़ आश्रय स्थल ले आए। नर्स ने अस्पताल में भर्ती करने से किया मना महिला की सांस ने कहा की बाढ़ में जहां प्रसव महिलाओं को सरकार सुविधा देती है। वहीं कल मेरी बहू को अस्तपताल में भी कोई सुविधा नहीं दी गई। ऑटो में बैठाते समय ही सड़क पर बच्चा हो गया। किसी तरह महिला और उसके नवजात बच्चे को लेकर अस्तपताल पहुंचे। वहां के महिला नर्स से गुहार लगाया की भर्ती कर ले, ताकि सरकार से लाभ मिल जाए। लेकिन वहां के कर्मियों ने नाम तक नहीं लिखा। इसके बाद उनलोगों ने कहा आप लोग प्रसूता महिला को लेकर चले जाइए। परिजन ने आरोप लगाया कि अस्तपताल में प्रसूता महिला को सही से देखा नहीं गया। उन्होंने कहा बाढ़ में प्रसूता महिला को जो व्यस्था होनी चाहिए वह नहीं है। परिजन ने बच्चे का नाम गंगा प्रसाद रखा है। उनका कहना है कि बाढ़ में उसका जन्म हुआ है, इसलिए हमने उसका नाम गंगा रखा।