गंगेश्वर स्थान में दो दिवसीय राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव सम्पन्न:मिथिलांचल के कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, मैथिली लोकगीत भी प्रस्तुत किया
उत्तर बिहार के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र दरभंगा जिले के जाले प्रखंड स्थित गंगेश्वर स्थान रतनपुर में 2 दिवसीय राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव का आयोजन सम्पन्न हुआ। 8 और 9 अगस्त को आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के पहले दिन भव्य कलश शोभायात्रा और रुद्राभिषेक से हुआ। दूसरे दिन शंखनाद बजरंग म्यूजिकल ग्रुप ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मिथिलांचल के प्रसिद्ध कलाकारों प्रज्ञा रानी, कुंज बिहारी मिश्र, डिंपल भूमि, माधव राय, डॉली सिंह और निराला ग्रुप ने महादेव झांकी, पारंपरिक नृत्य और मैथिली लोकगीत प्रस्तुत किया। बारिश के कारण आज का कार्यक्रम में लगभग डेढ़ घंटे की देरी हुई, लेकिन कलाकारों के उत्साह और दर्शकों की उमंग में कोई कमी नहीं आई। बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार ठाकुर रघुवीर व रघुनंदन ठाकुर ने अपने मैथिली गाने " हेयो पहुना मिथिले में रहु न " और "आबि जाऊ कटनी में गाम यो सजना" "का लेके शिव के मनाएंब हे शिव मानत नहीं" से लोगों को खूब झुमाया। साथ ही प्रज्ञा ठाकुर व बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के अन्य साथी कालाकारों ने अपने मैथिली लोकगीत से महफ़िल को सजाया है। मालूम हो कि ये सभी स्थानीय कलाकार सह संगीत शिक्षक के पद पर कार्यरत है। वहीं कुंज बिहारी ने "गे माई नित उठी गौरी शिव के मनावत, गुमान छै हमरा हम छी मिथिला के, सहित विभिन्न मैथिली गीत की प्रस्तुति कर माहौल को और अधिक शिवमय बना दिया। 50 सीसीटीवी कैमरे से हुई निगरानी महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी, नगर विकास मंत्री एवं जाले विधायक जीवेश कुमार मिश्रा और बिस्फी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल उपस्थित रहे। आयोजन की जिम्मेदारी बाबा गंगेश्वरनाथ धार्मिक न्यास समिति ने निभाई, जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष शिवनारायण ठाकुर, सचिव संजीव कुमार चौधरी और संरक्षक डॉ. राम प्रवेश ठाकुर सक्रिय रहे। महोत्सव की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने एसडीपीओ सदर 2 शुभेन्द्र कुमार सुमन के नेतृत्व में 115 पुलिस बल, 25 चौकीदार, 15 दंडाधिकारी, 25 पुलिस पदाधिकारी, 15 अग्निशमन दल, 50 सीसीटीवी कैमरे, एम्बुलेंस और चिकित्सा व्यवस्था तैनात की। लगभग 800 वर्ष पुराना गंगेश्वरनाथ महादेव मंदिर मिथिला नरेश नान्यदेव के पुत्र गंगदेव द्वारा स्थापित माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने वनवास के दौरान यहां शिव आराधना की थी। यह स्थान अध्यात्म, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का अद्भुत संगम है। अहिल्या स्थान का जीर्णोद्धार जल्द किया जाएगा मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा ने घोषणा की कि गंगेश्वर स्थान मेला अब हर वर्ष राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि बाबा गंगेश्वर स्थान को "मिनी काशी विश्वनाथ मंदिर" के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, 12 लाख रुपये की लागत से अहिल्या स्थान का जीर्णोद्धार भी शीघ्र किया जाएगा। मौके डीडीसी स्वप्निल, जाले अंचलाधिकारी वत्सांक, जाले बीडीओ,कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल सहित सिमरी,कमतौल, जाले और सिंहवाड़ा थाना की पुलिस मौजूद थी। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। हजारों लोग कार्यक्रम का लुत्फ उठाने पहुंचें थे।
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