मुंगेर के कस्तूरबा वाटर स्थित जगत जननी नर्सिंग अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद परिवार वालों ने विरोध प्रदर्शन किया। जमालपुर प्रखंड के दास टोला निवासी 25 वर्षीय प्रीति कुमारी को उनके पति राकेश कुमार ने पहली डिलीवरी के लिए शुक्रवार को भर्ती कराया था। महिला चिकित्सक कुमारी अर्चना के किए गए ऑपरेशन में प्रीति ने एक बच्ची को जन्म दिया। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे प्रीति के पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। परिजनों ने नर्स को सूचित किया, लेकिन नर्स ने 6 घंटे बाद इंजेक्शन देने की बात कही। मरीज की हालत बिगड़ने पर एक डॉक्टर ने चेकअप कर इंजेक्शन लिखा, जो उपलब्ध नहीं था। प्रीति की स्थिति और खराब होने लगी। ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ने पर पता चला कि सिलेंडर खाली था। इसके बाद उनकी मौत हो गई। अस्पताल स्टाफ ने प्रीति को एम्बुलेंस में जमालपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज कर होगी कार्रवाई कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मृतक प्रसूता के पति राकेश कुमार ने बताया की वह पूर्वी चम्पारण में पंचायत सचिव के पद पर है। परिजनों ने शुक्रवार को प्रीति की डिलीवरी के लिए मुंगेर शहर के एक निजी अस्तपाताल में भरती कराया ,जंहा अस्तपताल का सही तरीके से देखभाल और इलाज सही नहीं करने के कारण मौत हो गई। सास के कहने पर ले गया था नर्सिंग होम उन्होंने बताया की डॉक्टर कुमारी अर्चना सदर अस्तपताल में पदस्थापित है और अपना निजी नर्सिंग होम चलाती है। उन्होंने कहा मेरी सास कविता देवी ममता के रूप के अस्तपताल में कार्य करती थी। वहीं, डॉक्टर अर्चना ने कहा आपकी बेटी की डिलीवरी अपने निजी अस्तपताल में करवा देंगे, जिसके बाद मेरी सास और परिजनों ने प्रीति को शुक्रवार को भरती कराया। जहां आज डॉक्टर की लापरवाही के कारण प्रीति की मौत हो गई। डिलीवरी के लिए 60 हजार की मांग उन्होंने कहा डिलीवरी के लिए लगभग 60 हजार रुपए की मांग की जबकि हम लोगों ने बीस हजार रुपए जमा कर दिए थे। उन्होंने कहा हम सिविल सर्जन और जिलाधिकारी से मांग करते है कि इस तरह की नर्सिंग अस्तपताल की जांच की जाए और चिकित्सकों की डिग्री की जांच हो। वहीं आपको बता दें कि मृतिका प्रसूता प्रीति कुमारी की शादी नंबर 2022 में राकेश कुमार से हुई थी। प्रीति ने पहला बच्ची को जन्म दी, जिसके बाद दुनिया को अलविदा कर दिया। परिजनों में डॉक्टर के प्रति आक्रोश है कि इस तरह के निजी नर्सिंग बाजार में डालकर बैठा है, जहां कोई व्यवस्था नहीं है और पैसे की लालच में महिलाओं की हत्या की जा रही है। जबकि इस जगत -जननी निजी नर्सिंग अस्तपताल में कई लोगो की जान चली गयी।