शेखपुरा में गंगा नदी से जुड़ी हरोहर नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के टाल क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए हैं। घाट कुसुंभा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गांवों में बाढ़ के कारण लोगों के सामने मवेशियों के चारे, आवागमन और आवश्यक दवाओं की कमी हो गई है। बुधवार शाम को जिलाधिकारी आरिफ अहसन ने अन्य पदाधिकारियों के साथ घाट कुसुंभा प्रखंड क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ ADM लखींद्र पासवान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सरोज कुमारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, BDO और CO सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। जलजमाव वाले गांवों में पहुंच समस्याओं को समझा जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सरोज कुमारी ने बताया कि DM ने जलजमाव वाले गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझा। उन्होंने बताया कि सहरा और बटोहरा गांव बाढ़ के पानी से बुरी तरह घिर चुके हैं। गुरुवार से और अधिक नावें उपलब्ध कराने का निर्देश डीएम ने इन गांवों के लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए गुरुवार से और अधिक नावें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वर्तमान में इस इलाके में केवल दो सरकारी नावें चल रही हैं। साथ ही, मवेशियों के लिए गुरुवार से सूखे चारे की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है। मेडिकल टीम 2 शिफ्ट में काम करेंगी डीपीआरओ ने आगे बताया कि डीएम ने जल जमाव वाले क्षेत्रों में 5 मेडिकल टीमों को गुरुवार से तैनात करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया है। ये मेडिकल टीमें आवश्यक दवाओं के साथ दो शिफ्ट में काम करेंगी। डीएम और अन्य अधिकारियों ने शेखपुरा और लखीसराय जिले की सीमा पर स्थित पानापुर पंचायत के पानापुर और आलापुर सहित अन्य गांवों का भी दौरा किया और वहां के लोगों की समस्याओं को समझा। डीएम ने आश्वासन दिया कि जल जमाव वाले क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सभी विभागों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है।