गयाजी में फल्गु और निरंजना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक फल्गु नदी का जलस्तर (HFL) 112.36 मीटर है। खतरे का स्तर (DL) 111.69 मीटर तय है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को अलर्ट किया है। शनिवार देर रात जिला प्रशासन की ओर से संभावित खतरे को देखते हुए कई गांवों में मुनादी(माइकिंग) कराई गई। लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। घर के ग्राउंड फ्लोर को खाली कर फर्स्ट फ्लोर पर जाने को कहा है। प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया 23 अगस्त की रात 12 बजे फल्गु का जलस्तर 112.86 मीटर दर्ज किया गया। यह HFL से ऊपर था। सुबह चार बजे तक यही स्तर बना रहा। इसके बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा। सुबह 10 बजे तक नदी का स्तर 111.46 मीटर पर पहुंच गया। दिन में 12 बजे से शाम तक नदी का जलस्तर 111.36 मीटर पर स्थिर रहा। रात 8 बजे तक यही स्थिति बनी रही। कुल मिलाकर फाल्गु नदी में 1 मीटर पानी दर्ज किया गया और ट्रेंड कांस्टेंट दिखा। वहीं, निरंजना नदी का फ्लोर लेवल 160.10 मीटर है। 23 अगस्त की रात 12 बजे नदी का जलस्तर 162.10 मीटर था। सुबह तक इसमें गिरावट आई और 5 बजे तक यह 161.60 मीटर पर आ गया। दोपहर में यह 161.40 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि शाम को इसमें फिर से हल्की बढ़ोतरी देखी गई। शाम 6 बजे नदी का जलस्तर बढ़कर 162.20 मीटर हो गया। रात 9 बजे फिर थोड़ा घटकर 162.10 मीटर दर्ज किया गया। लगातार नजर रखी जा रही है निरंजना में कुल पानी की गहराई 2 मीटर से अधिक रही। WRD की मानें तो दोनों नदियों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन बारिश जारी रही तो दोनों नदियों में अचानक वृद्धि संभव है। यही वजह है कि शनिवार को जिला प्रशासन को बत्तसपुर, बसाढ़ी, सिलाऊंजा आदि स्थानों पर माइकिंग करानी पड़ी। आशंका जताई गई है कि झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में बारिश होती रही तो जिले के नदियों पर जल स्तर तेजी से बढ़ सकता है। फिलहाल नदी में पानी बढ़ रहा है। लिहाजा ग्रामीण सतर्क और सुरक्षित स्थान पर बने रहें। वहीं दूसरी ओर नदी किनारे बसे ग्रामीण भयभीत हैं।