गयाजी के पितृपक्ष मेला में ड्रोन-CCTV से होगी निगरानी:86 हजार लोगों के लिए ठहरने की व्यवस्था, मुफ्त में ई-रिक्शा की मिलेगी सुविधा
गयाजी में पितृपक्ष मेला 2025 को भव्य और व्यवस्थित बनाने की तैयारी जोरों पर है। मेला 6 से 21 सितंबर तक चलेगा और इसकी तैयारियां जून से ही शुरू कर दी गई हैं। मेला आयोजन को लेकर 19 कोषांग (कोष) बनाए गए हैं, जिनकी साप्ताहिक समीक्षा हो रही है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कुल 751 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता एक दिन की 86,947 है। इनमें 2500 श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा टेंट सिटी, 37 सामुदायिक भवन (10,430 क्षमता), 106 होटल/रेस्ट हाउस (6,735 क्षमता), 534 धर्मशाला व पंडा आवास (47,142 क्षमता) और 26 पुलिस भवन (7,210 क्षमता) शामिल हैं। अंतिम चरण में रोप लाइट का काम मेला क्षेत्र में सफाई, जलापूर्ति, शौचालय, तालाबों की सफाई, सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं, दवा उपलब्धता, रोशनी और बिजली की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। सभी डार्क स्पॉट पर लाइट लगाई जा रही है। हाईमास्ट, स्ट्रीट लाइट और रोप लाइट का काम अंतिम चरण में है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 16 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मेला अवधि में 158 रिंग बस और 65 निशुल्क ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। ड्रोन-सीसीटीवी से होगी निगरानी जिला पुलिस ने मेला क्षेत्र को 43 जोन और 209 सेक्टर में बांटकर तीन पालियों में पुलिस बल की तैनाती की रूपरेखा तैयार की है। 70 पुलिस शिविरों में 'मे आई हेल्प यू' काउंटर स्थापित होंगे। निगरानी के लिए वॉच टावर, ड्रोन, सीसीटीवी (160 कैमरे) और लगातार गश्ती का प्रावधान किया गया है। जिला प्रशासन ‘अतिथि देवो भवः’ के मूल मंत्र पर काम करने का आह्वान सभी बड़े छोटे कर्मियों से किया है। यही नहीं पिंडदानियों से संवाद, साफ-सफाई, बेसहारा पशु व्यवस्था को दुरुस्त करने की अपील की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0