पूर्णिया में कारतूस की अवैध तस्करी का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। इस मामले में पूर्णिया के केहाट थाना पुलिस ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर खगड़िया समाहरणालय के आर्म्स सेक्शन में तैनात कार्यपालक सहायक अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया है। अविनाश पर आरोप है कि वह पैसे लेकर मृत लोगों के लाइसेंसी हथियार और कारतूस के दस्तावेज हथियार तस्करों को उपलब्ध कराता था। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध कारतूस खरीदने में किया जा रहा था। हाजीपुर से 5 गिरफ्तार इस रैकेट का खुलासा 11 जुलाई 2025 को हुआ। उस दिन पटना एसटीएफ ने हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध कारतूस, आर्म्स लाइसेंस बुक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि बरामद लाइसेंस बुक खगड़िया निवासी जगदीश प्रसाद निराला के नाम की है। जगदीश की मृत्यु जुलाई 2024 में हो चुकी है। हाजीपुर में बेचते थे कारतूस अपराधियों ने यह भी बताया कि वे इस मृत व्यक्ति के लाइसेंस का इस्तेमाल पूर्णिया के विशाल गन हाउस के मालिक इंद्रजीत कुमार से कारतूस खरीदने के लिए करते थे। इसके बाद वे इन कारतूसों को हाजीपुर में बेचते थे। इस खुलासे के बाद हाजीपुर रेल थाने में कांड संख्या-112/2025 दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशाल गन हाउस के मालिक इंद्रजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और गन हाउस की खरीद-बिक्री की जांच में इंद्रजीत ने कार्यपालक सहायक अविनाश कुमार का नाम लिया। इंद्रजीत ने बताया कि अविनाश ही उसे मृत लाइसेंसधारियों के दस्तावेज उपलब्ध कराता था। पुलिस के सूत्रों के अनुसार अविनाश और इंद्रजीत लंबे समय से इस अवैध तस्करी में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे थे। मृत व्यक्ति के नाम 90 कारतूस जारी चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष सिन्टू कुमार ने बताया कि अविनाश ने खगड़िया बैलदौर के पचौत निवासी सोना बाबू और जगदीश प्रसाद निराला और शेखपुरा के एक अन्य मृत व्यक्ति का लाइसेंस इंद्रजीत को दिया था। इन्हीं लाइसेंसों का इस्तेमाल करके जून 2025 में विशाल गन हाउस पूर्णिया से जगदीश प्रसाद निराला के नाम पर 90 कारतूस जारी किए गए। जबकि उनकी मौत 2024 में ही हो चुकी थी। अविनाश कुमार को बीती रात को कचहरी रोड से गिरफ्तार किया गया। इसकी पुष्टि चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष सिन्टू कुमार ने की। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।