सीतामढ़ी में पुटू खान हत्याकांड में आरोपी फरार:40 दिन से अपराधी की तलाश में पुलिस, लोगों ने निकाला कैंडल मार्च
सीतामढ़ी के व्यस्त मेहसौल चौक पर 12 जुलाई 2025 को हुए चर्चित जनाब वसीम अनवर खान उर्फ पुटू खान हत्याकांड को लेकर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। घटना के 40 दिन गुजर जाने के बावजूद अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर स्वागत फ्लैक्स तक लगाते नजर आ रहे हैं। हत्या से पहले जारी किया था वीडियो मृतक पुटू खान ने अपनी हत्या से पहले ही एक वीडियो जारी कर साजिशकर्ताओं के नाम उजागर किए थे। उन्होंने कई लोगों और उनके पिता का नाम स्पष्ट रूप से बताया था। साथ ही आशंका जताई थी कि इस हत्याकांड में और भी बड़े लोगों की संलिप्तता है। इसके बावजूद अब तक किसी आरोपी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। राजनीतिक संरक्षण का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपराधियों को जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है। यही कारण है कि उनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि वे मृतक के परिजनों और केस की पैरवी कर रहे लोगों को धमका रहे हैं। गवाहों पर दबाव बनाया जा रहा है और उनकी रेकी तक की जा रही है। शहर में निकला कैंडल मार्च इसी आक्रोश को लेकर गुरुवार की शाम ललित आश्रम से कारगिल चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। शांतिपूर्ण इस मार्च में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सरकार व प्रशासन से मांग की कि अपराधियों और उनके संरक्षणकर्ताओं को एक हफ्ते के भीतर गिरफ्तार किया जाए। जनता ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में 50 हजार लोगों के साथ मेहसौल चौक से राजोपट्टी होते हुए समाहरणालय तक विशाल कैंडल मार्च और घेराव किया जाएगा। बुद्धिजीवी और नेताओं की बड़ी भागीदारी कैंडल मार्च में जिले के तमाम बुद्धिजीवी और राजनीतिक नेता शामिल हुए। इनमें जुनैद आलम, नौशाद आलम, पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा, राजद नेता राघवेंद्र कुशवाहा, जलाल खान, पूर्व उपमेयर प्रत्याशी मोहम्मद अफरोज आलम, पूर्व मेयर प्रत्याशी तौकीर अनवर उर्फ़ सिकंदर, नौशाद खान, सोनू खान, राकेश कुमार झा, पिंकी खान, गुड्डू खान, कैश टेलर, सद्दाम हुसैन, डॉ. तौहीद अनवर समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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