पटना संपतचक नगर परिषद के वार्ड नवंबर 24 के सितजैनचक प्राथमिक विद्यालय के आसपास बारिश के कारण जलजमाव हो गया। बता दें कि स्कूल के अंदर कमर तक पानी भर गया है। इसके कारण अब स्कूल मंदिर में चलाया जा रहा है। जहां मंदिर के फर्श पर बैठकर बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मजबूरन झंडोतोलन मंदिर में ही किया गया। बता दें कि इस स्कूल में 62 बच्चे और एक शिक्षक और दो शिक्षिका हैं। एक सप्ताह पहले शिक्षकों ने इसकी सूचना पदाधिकारियों को दी है। लेकिन अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई है। स्कूल का अपना रास्ता भी नहीं है। शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने बताई परेशानी स्कूल के शिक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि पिछले 7-8 दिनों से पानी लगा है। अंचलाधिकारी, BDO, नगर परिषद के दफ्तर में इसकी सूचना दी गई है। दो साल से हो रहा जलजमाव शिक्षिका श्वेता कुमारी ने बताया कि बरसता के समय हमेशा पानी लग जाता है। एक-दो साल की यहां ऐसी स्थिति बनी नहीं है। बताया कि इस बार भी कमर तक पानी लग गया है। हमलोग स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मंदिर में ही क्लास चल रहा है। यहां शौच, पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सभी को परेशानी हो रही है। आने-जाने में भी दिक्कत है। बच्चों के छोटे होने के कारण अकेले छोड़ने में भी डर लगता हैं। बच्चे स्कूल आ रहे हैं, तो उन्हें ऐसे छोड़ भी नहीं सकते हैं। गांव के मंदिर में चल रहा बच्चों का क्लास शिक्षिका एकता कुमारी ने बताया कि थोड़ा पानी था तो उसी में आते-जाते थे। लेकिन अब पानी ज्यादा हो गया है। जिसके कारण हमलोग स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। गांव के मंदिर में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। आश्वासन देकर चले जाते नेता स्थानीय नागरिक अवधेश कुमार ने बताया कि नेता मंत्री आते हैं, आश्वासन देकर चले जाते हैं। लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हर बार इसकी शिकायत की जाती है, समाधान नहीं हो पाता है। हाल में मीटिंग हुई थी। भरोसा दिया गया था कि सबकुछ ठीक कर लिया जाएगा। स्कूल में आने जाने का भी रास्ता नहीं स्थानीय रमेश कुमार ने बताया कि स्कूल का अपना रास्ता नहीं है। रास्ते के लिए कई बार कहा गया। लेकिन नहीं बन पाया है। बच्चे हर बार परेशान होते हैं।