कश्मीर में भागलपुर का जवान शहीद,आज आएगा पार्थिव शरीर:दोस्त बोले- बूढ़े मां-बाप सदमा नहीं सह पाएंगे, इसलिए नहीं बताया; एक महीने पहले हुआ था ट्रांसफर

Aug 14, 2025 - 08:30
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कश्मीर में भागलपुर का जवान शहीद,आज आएगा पार्थिव शरीर:दोस्त बोले- बूढ़े मां-बाप सदमा नहीं सह पाएंगे, इसलिए नहीं बताया; एक महीने पहले हुआ था ट्रांसफर
जम्मू-कश्मीर में भागलपुर का जवान शहीद हो गया। बारामुला जिले के उरी सेक्टर के टिका पोस्ट में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान अंकित यादव (35) शहीद हो गए। मंगलवार की रात अचानक आतंकियों की ओर से फायरिंग होने लगी। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, इस दौरान आतंकियों की गोली अंकित को लग गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जख्मी हालत में पहले AIP-06 और फिर देवी पोस्ट लाया गया। बटालियन के RMO (रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर) ने ढाई घंटे तक उनका इलाज किया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह 6:15 बजे दम तोड़ दिया। सेना के अधिकारियों ने उनकी शहादत की सूचना बुधवार सुबह 10 बजे बड़े भाई निरंजन यादव को दी। शहीद जवान रंगरा प्रखंड के चापर गांव के रहने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर आज गांव पहुंचेगा। घर में बूढ़ी मां सविता देवी और पिता लक्ष्मी यादव हैं। जवान के दोस्त ने बताया, अंकित यादव के माता-पिता बूढ़े हो चुके हैं। वो बेटे के जाने का सदमा नहीं सह पाएंगे, इसलिए उन्हें और अंकित की पत्नी को शहादत की खबर नहीं दी गई है। गांव में भरा बाढ़ का पानी शहीद के गांव में बाढ़ का पानी भरा है। यहां तक कि घर में भी पानी घुसा हुआ है। इस वजह से गांव के बाहर टेंट लगाया है। जहां पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंकित सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे और बारामुला जिले के उरी सेक्टर में टिका पोस्ट में उनकी पोस्टिंग थी। एक महीने पहले कश्मीर गए थे अंकित के गांव वालों का कहना है, बचपन से ही उनका सपना था देश की सेवा करनी है। सेना में भर्ती होकर उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया। एक महीने पहले मेरठ से ट्रांसफर होकर कश्मीर गए थे। गांव के ही सद्भाव हाई स्कूल से मैट्रिक पास किए। 2017 में शादी हुई थी। 2 बच्चे हैं। पत्नी और दोनों बच्चे कटिहार में हैं। बड़े भाई भी आर्मी में थे अंकित चार भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता लक्ष्मी यादव किसान हैं। माता सविता देवी गृहिणी हैं। सबसे बड़े भाई निरंजन सेना में JCO के पद से रिटायर हुए हैं। फिलहाल झारखंड के सैप में नियुक्त हैं। निरंजन ने बताया कि वह घर के लिए रवाना हो चुके हैं। मंझले भाई मिथिलेश यादव RPF में एसआई हैं और पटना के बख्तियारपुर में तैनात हैं। तीसरे भाई मुकेश यादव आर्मी से रिटायर्ड हैं। बाढ़ के बीच होगा अंतिम संस्कार ग्रामीणों के अनुसार, अंकित न केवल एक बहादुर सैनिक थे बल्कि एक सरल और मिलनसार व्यक्ति भी थे। उनकी शहादत पर न सिर्फ गांव बल्कि पूरे नवगछिया अनुमंडल और भागलपुर जिले को गौरव है। वर्तमान में पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। एक तरफ लोग अपने वीर सपूत की अंतिम विदाई की तैयारी में है, दूसरी ओर बाढ़ से निपटने में जुटे हैं। प्रशासन पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। ग्रामीण वीर जवान के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अंतिम दर्शन कर पाए। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... 'तिरंगे को सैल्यूट कर समझूंगा बेटे को सैल्यूट किया':'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद सुनील के पिता बोले- छोटे पोते को भी फौजी बनाऊंगा 'कल 15 अगस्त है। तिरंगे को सैल्यूट कर के सोचूंगा कि अपने शहीद बेटे को सैल्यूट कर रहा हूं। मुझे गर्व है कि मेरा बेटा ऑपरेशन सिंदूर में देश के काम आया।' 'छोटा बेटा भी फौज में है और देश की सेवा में जुटा है। मैं अपने छोटे पोते को भी फौजी बनाऊंगा।' ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हवलदार सुनील सिंह के पिता ने बेटे को याद करते हुए ये बातें भास्कर से कहीं। स्वतंत्रता दिवस पर हमने शहीद हवलदार के परिवार से बात कर उनका हाल जाना। पूरी खबर पढ़ें...

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