झारखंड के पलामू के हुसैनाबाद की 22 साल की एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान ददरा गांव की रहने वाली सुधीर कुमार पासवान की पत्नी मनीषा देवी के रूप में हुई है। मृतका का मायका जम्होर थाना क्षेत्र के मोर डिहरी गांव में हैं। घटना को लेकर दो तरह की बातें चर्चा में हैं। मृतका का पति दुर्घटना में मौत की बात बता रहा है तो वहीं मायकेवाले पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा रहे है। मामला जो हो पूरी तरह संदेह के घेरे में हैं। मायके वाले गुरुवार की शाम मृतका के शव को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां नगर थाना की पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने मृतका मनीषा के पति सुधीर कुमार पासवान व उसके ससुर नरेश पासवान को गिरफ्तार कर थाना ले गयी। नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक महिला की मौत हुई है।पोस्टमार्टम कराकर दाह संस्कार के लिए परिजनों को शव सौंप दिया गया है। मृतका का पति व उसके ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2022 में हुई थी शादी सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मृतका मनीषा के पिता जयप्रकाश पासवान ने बताया कि वर्ष 2022 में 10 फरवरी को हिंदू रीति रिवाज से झारखंड के ददरा गांव में सुधीर से शादी की थी।उसके दो मासूम बेटी भी है। दो दिन पूर्व मनीषा अपने पति सुधीर व दोनों बेटियों के साथ मायके आयी थी। जब से वह अपने पति से साथ घर आई तब से उसका पति सुधीर छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा करते रहता था। गुरुवार की अहले सुबह करीब तीन-चार बजे उसका पति मनीषा को बेरहमी तरीके से पिटाई कर दिया। इसके बाद घर के सभी सदस्यों के साथ झगड़ा कर उसे मोर डिहरी से लेकर अपने घर के लिए चला गया। मृतका के पिता का आरोप है वह औरंगाबाद शहर स्थित अपने मौसी के घर ले जाकर मनीषा की बेरहमी तरीके से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गयी। कुछ देर बाद मृतका मनीषा का पति सुधीर द्वारा फोन पर जानकारी दी गयी कि मनीषा का रमेश चौक के समीप एक्सीडेंट हो गया है और उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब लोग सदर अस्पताल आने लगे तो सुधीर द्वारा फोन कहा गया कि डॉक्टरों द्वारा हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। एंबुलेंस रुकने को नही कह रहा है इसीलिए आपलोग गयाजी आइए। परिजन सदर अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में उसकी मौत हो जाने की जानकारी दी गयी। इसके बाद वह शव लेकर सदर अस्पताल आने को कहा। मायके वालों को जानकारी दिए बिना ही शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गया पति लेकिन परिजनों को बिना बताए ही वह शव को लेकर अपने घर ददरा लेकर चला गया।मायकेवाले कॉल करते रहे, लेकिन फोन नही लगा। रिश्तेदार के माध्यम से जानकारी मिली कि मनीषा का शव ददरा गांव लाया गया है और दाह संस्कार की तैयारी की जा रही है।इसके बाद मायकेवाले ददरा गांव पहुंचे और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले की जांच पड़ताल की। इसके बाद स्थानीय पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका के पिता ने कहा कि ससुरालवालों द्वारा बिना किसी को जानकारी दिए शव को जलाने की तैयारी रही। दाह संस्कार की सभी रस्में पूरी कर दी गयी थी।सिर्फ शव उठाना बाकी था। पति बोला - इलाज कराने सासाराम ले जा रहे थे, बाइक से गिरने के कारण हुई मौत सदर अस्पताल में मृतका का पति सुधीर पासवान ने बताया कि मनीषा का कुछ दिनों से तबियत खराब चल रहा था।दो दिन पूर्व मनीषा और बच्चों के साथ ससुराल मोर डिहरी आया था।गुरुवार की अहले सुबह उसका इलाज कराने सासाराम लेकर जा रहा था।उसकी मां से प्रेम पूर्वक विदाई भी दी।इसके बाद औरंगाबाद शहर स्थित मौसी के घर हेलमेट के लिए गया। हेलमेट लेकर सासाराम जाने के क्रम में रमेश चौक से कुछ दूर आगे ब्रेकर पार करने के दौरान मनीषा बाइक से गिरकर घायल हो गयी और इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी। मायकेवालों का कहना है कि अगर मनीष की मौत दुर्घटना में होती तो उसके गोद मे एक 10 माह की मासूम बच्ची भी थी। न तो मासूम को कुछ हुआ और नही सुधीर व उसके बाइक को।सुधीर घर से ही मनीषा को मारपीट कर यहां से लेकर गया और मौसी के पिट-पीटकर हत्या कर दी।घटना की सूचना पर लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह उर्फ सोनू व नगर अध्यक्ष रॉकी राज अपने टीम के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और रोते-बिलखते परिजनों को समझा-बूझाकर शांत कराया। चंद्रभूषण सिंह सोनू ने कहा कि घटना बहुत दुखद है। मनीषा की दुर्घटना में जान गई है या पीट-पीटकर उसकी हत्या की गई है, यह जांच का विषय है। उन्होंने स्थानीय पुलिस से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।