सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक:नीतीश सराकर ने बनाई उच्चस्तरीय कमेटी; दलालों पर कसेगा शिकंजा; विशेष निरीक्षण दल करेगी अस्पतालों की जांच

Jan 28, 2026 - 14:30
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सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक:नीतीश सराकर ने बनाई उच्चस्तरीय कमेटी; दलालों पर कसेगा शिकंजा; विशेष निरीक्षण दल करेगी अस्पतालों की जांच
बिहार में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर राज्य में नई नीति लागू की जाएगी। यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस घोषणा के बाद की जा रही है, जिसमें उन्होंने सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही थी। सात निश्चय-3 के तहत होगा मंथन नई नीति तैयार करते समय राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “सात निश्चय-3” के तहत “सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन” की अवधारणा पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आम जनता को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर, सस्ती और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। उच्चस्तरीय कमेटी कमियों का अध्ययन कर सौंपेगी रिपोर्ट उच्चस्तरीय कमेटी मौजूदा व्यवस्था, डॉक्टरों की सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य तंत्र की कमियों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसी के आधार पर राज्य में नई और सख्त नीति लागू की जाएगीस्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित इस कमेटी का अध्यक्ष निदेशक प्रमुख रेखा झा और पीएमसीएच के अधीक्षक को बनाया गया है। कमेटी के सदस्यों में शामिल किए गए हैं: अस्पतालों की होगी सख्त जांच, बनेगा विशेष निरीक्षण दल सरकारी और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए राज्य भर में विशेष निरीक्षण दल का गठन किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। इसमें निजी अस्पतालों और निजी जांच घरों पर भी सख्ती से निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तर पर गठित जांच टीमें इन स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करेंगी: दलालों पर कसेगा शिकंजा स्वास्थ्य विभाग को लगातार यह सूचना मिल रही है कि कुछ दलाल मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों और जांच घरों में भेज रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने निर्देश दिया है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पकड़े जाने पर दलालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। हर हाल में विभाग को भेजनी होगी रिपोर्ट जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाए। Action Taken Report (कार्रवाई प्रतिवेदन) हर हाल में सौंपना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अब स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी डॉक्टरों की जवाबदेही तय होगी और मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर इलाज मिले, यही इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य है।

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