मुजफ्फरपुर में 8.33 करोड़ की साइबर ठगी का आरोप:4 साइबर बदमाश अरेस्ट, फर्जी NGO चला कर लोगों को लगाते थे चूना
मुजफ्फरपुर में पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्यरत साइबर ठगों के एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साथ ही चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर लगभग ₹8.33 करोड़ की साइबर ठगी का आरोप है। 6 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के SKMCH मेडिकल ओवरब्रिज के पास स्थित एक होटल में तीन युवकों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो तीनों युवक होटल के कमरे में रह रहे थे। उनके पास से बैंक पासबुक, चेकबुक, NGO से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि वे फर्जी NGO "राम प्यारी नंदलाल सेवा संस्थान" के नाम पर लाखों रुपए का लेन-देन कर रहे थे। पुलिस ने अभिषेक पांडेय, पिता - चंद्र प्रकाश पांडेय, निवासी – गौरीगंज, जिला - अमेठी (उ.प्र.), कृष्णा कुमार सिंह, पिता - नंदलाल कुवंर, गांव-धर्मडीहा, थाना – फुलपरास, जिला - मधुबनी
और विक्रम कुमार सिंह, पिता - अरुण कुमार, ग्राम - धर्मडीहा, थाना – फुलपरास, जिला - मधुबनी को अरेस्ट किया है। 8.33 करोड़ की ठगी को किया स्वीकार गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने एक NGO के फर्जी दस्तावेज के जरिए एक्सिस बैंक में खाता खोलकर ₹8.33 करोड़ की साइबर ठगी की है। इन पैसों के कमीशन के बंटवारे को लेकर आपस में विवाद हुआ, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक, नगर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और साइबर शाखा के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसने आगे की कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर टीम ने मुशहरी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर गुड्डु कुमार, पिता - नागेन्द्र कुमार साह, गांव- माधोपुर को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से मोबाइल, लैपटॉप, फिंगर प्रिंट स्कैनर, बायोमेट्रिक डिवाइस, आधार कार्ड की फर्जी पावती रसीदें, NGO की मोहर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। गुड्डु ने फर्जी आधार बनाने और विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी में संलिप्त होने की बात स्वीकार की है। देशभर में दर्ज हैं 20 से अधिक शिकायतें पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के पास मिले मोबाइल नंबर और बैंक खातों से देश के विभिन्न राज्यों से 20 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
रिमांड पर लेने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस की कार्रवाई में मोबाइल फोन- 6, लैपटॉप – 2, डेबिट कार्ड – 6, पासबुक , चेक बुक-2, पैन कार्ड – 4, आधार कार्ड – 3, NGO की मोहर – 4, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र,
वाहन का RC , बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर , आई/रेटिना स्कैनर , वेब कैमरा आदि केस दर्ज, आगे की जांच जारी
साइबर थाना कांड संख्या 79/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है, और जांच के दौरान अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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