मुजफ्फरपुर में जनरल स्टोर संचालक से लूट हुई है। रविवार की सुबह साढ़े 4 बजे वे अपने घर से दुकान के लिए निकले थे। घर से 500 मीटर दूर हाईवे पर गए थे। दुकान 50 किमी दूर था। हाईवे से एक बस आ रही थी, जो नहीं रुकी। बस के पीछे एक बोलेरो चल रही थी। वो जितेंद्र के पास रुकी औक कहा बैठिए हम आगे छोड़ देंगे। कार पर 5 लोग सवार थे। गाड़ी थोड़ी दूर बढ़ी थी, तभी बदमाशों ने कहा कि ये बैंक की गाड़ी है और हमलोग बैंक के अधिकारी। तुम्हारे झोले में क्या रखा है। चेक कराओ। पीड़ित ने झोला चेक करा दिया। जब पीड़ित से पूछा गया कि खाते में कितने रुपए थे। ये सुनकर पीड़ित को समझ में आ गया कि वे फंस चुके हैं। बदमाशों ने पीड़ित को ढाई घंटे गाड़ी में घुमाया। फोन-पे का पिन कोड मांगा। नहीं देने पर जितेंद्र के साथी गाड़ी में मारपीट की। जब बदमाशों ने हथियार दिखाया तब जितेंद्र ने पिन कोड दे दिया। जिसके बाद बदमाशों ने 77 हजार हजार रुपए ट्रांजैक्शन कर लिया। जो पीएम आवास योजना की राशि थी। जेब में रखे 1500 रुपए नगद भी ले लिए। लूटपाट के बाद पीड़ित को 75 किमी दूर मोतिहारी में गाड़ी से उतार दिया। जबकि पीड़ित को मुजफ्फरपुर जाना था। पीड़ित कहते हैं, मैं डर के मारे बजरंग बली का नाम जोर से लेने लगा, मेरी आवाज बार नहीं जाए इसलिए बदमाशों ने गाड़ी में बजरंग बली का गाना बजा दिया। पीड़ित ने रविवार शाम मोतीपुर थाने में लिखित शिकायत की। जिसके बाद मामला सामने आया। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद ससुराल पहुंचे जितेंद्र पीड़ित जितेंद्र को बदमाशों ने मोतिहारी शहर से 20 किमी पहले गाड़ी से उतारा था। जितेंद्र ने कहा कि मुझे लगा कि ये लोग मुझे मार देंगे। मैं काफी घबरा गया था, पर वे लोग रुपए लेकर चले गए। मैं ऑटो से 20 किमी दूर मोतिहारी शहर में गया। मोतिहारी में ससुराल है। मैंने अपने साले को फोन किया और पूरी घटना की जानकारी दी। मुजफ्फरपुर में भी परिजन को जानकारी दी। जिसके बाद वे लोग मेरे पास आए। डेढ़ साल बाद घर गए थे पीड़ित जितेंद्र ने कहा कि मेरा मुजफ्फरपुर शहर के लक्ष्मी चौक के पास जनरल स्टोर है। वहीं आसपास मैं रहता हूं। रक्षा बंधन के अवसर पर मैं डेढ़ साल बाद अपने घर मोतीपुर गया था। वहीं से लौटने के दौरान मेरे साथ हादसा हो गया। कार सवार बदमाश पहले मुजफ्फरपुर जा रहे थे, पर जब मुझे गाड़ी में बैठाया तो उनलोगों ने गाड़ी मोतिहारी की ओर घुमा लिया। जितेंद्र ने कहा कि चालक काफी पतला था। ड्राइव के बगल में आगे वाली सीट पर बैठा आदमी मोटा था। उसी ने कहा था कि हमलोग बैंक के अधिकारी हैं। इनलोगों के पास हथियार भी था। मोतीपुर थानाध्यक्ष राजन कुमार पांडेय ने बताया, दिन में एक व्यक्ति ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उसने आवेदन भी दिया है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।