सीएम योगी के संकल्प से यूपी बना डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल

Jan 26, 2026 - 06:30
 0  0
सीएम योगी के संकल्प से यूपी बना डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने हेल्थ डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (Health DPI) के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए प्रदेश आज पूरे देश के लिए डिजिटल हेल्थ गवर्नेंस का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है. अस्पताल, डॉक्टर, लैब और मरीज—सभी को एक सुरक्षित, इंटरऑपरेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को न सिर्फ तेज और पारदर्शी बनाया है, बल्कि उन्हें पूरी तरह मरीज-केंद्रित भी किया है.

प्रदेश की 24 करोड़ से अधिक आबादी के लिए डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर अब ज़मीनी हकीकत बन चुका है. डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, आभा आईडी, ई-प्रिस्क्रिप्शन और ऑनलाइन लैब रिपोर्ट जैसी सुविधाओं ने इलाज की प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया है. यह व्यवस्था भविष्य में एआई-आधारित हेल्थकेयर, टेलीमेडिसिन और सुरक्षित डाटा एक्सचेंज के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है.

देश में सबसे आगे यूपी: 14.52 करोड़ से अधिक आभा आईडी

स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एबीडीएम को कोर हेल्थ डीपीआई लेयर के रूप में लागू किया गया है. अब तक प्रदेश में 14.52 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं. इसके साथ ही 70 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान और 1.04 लाख से ज्यादा हेल्थ प्रोफेशनल्स एबीडीएम प्लेटफॉर्म से पंजीकृत हो चुके हैं. डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के क्षेत्र में भी यूपी ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. 13.03 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी से लिंक किए जा चुके हैं, जिससे मरीज का संपूर्ण चिकित्सा इतिहास एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित उपलब्ध है. यह सुविधा विशेष रूप से गंभीर बीमारियों, रेफरल और इमरजेंसी के दौरान जीवनरक्षक साबित हो रही है.

सरकारी अस्पतालों में मजबूत डिजिटल बैकबोन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HIS) को डिजिटल हेल्थ बैकबोन के रूप में लागू किया गया है. वर्तमान में एनआईसी का नेक्स्ट-जेन HIS और सी-डैक का ई-सुश्रत सिस्टम प्रदेश भर में संचालित हो रहा है. प्रदेश में 15 हजार से अधिक सरकारी व निजी अस्पताल HIS का उपयोग कर रहे हैं, जबकि 1,171 सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान—मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी—पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से जुड़ चुके हैं.

आभा आधारित पंजीकरण से कागजी झंझट खत्म

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप मरीजों को लाइन और कागजी प्रक्रिया से राहत दिलाने के लिए आभा आधारित रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की गई है. अब मरीज ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा के जरिए ओपीडी पंजीकरण करा सकते हैं. प्रदेश में लगभग 40 प्रतिशत ओपीडी रजिस्ट्रेशन आभा आधारित हो चुके हैं. एक बार डाटा दर्ज होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज आसान हो गया है. इसके साथ ही ई-प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है. डॉक्टर डिजिटल पर्ची जारी कर रहे हैं, जिससे दवाओं की पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है. स्कैन-एंड-पे और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे कैश लेन-देन की जरूरत कम हुई है.

एसएमएस और वाट्सऐप पर मिल रही लैब रिपोर्ट

योगी सरकार ने लैबोरेटरी इंफॉर्मेशन सिस्टम (LIS) को HIS से इंटीग्रेट कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बना दिया है. अब सरकारी अस्पतालों की लैब पूरी तरह डिजिटल नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं. मरीज अपनी जांच रिपोर्ट आभा आधारित PHR ऐप, एसएमएस और वाट्सऐप के जरिए सीधे प्राप्त कर रहे हैं। डॉक्टरों को भी HIS के माध्यम से तुरंत रिपोर्ट मिल जाती है, जिससे इलाज में देरी नहीं होती. प्रदेश में अब तक 1,112 स्वास्थ्य संस्थानों में LIS सक्रिय किया जा चुका है, जिनमें 126 जिला अस्पताल और 986 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं.

डिजिटल हेल्थ से सुशासन की नई पहचान

डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के सही उपयोग से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल बदलाव संभव है. योगी सरकार का यह मॉडल न सिर्फ इलाज को आसान बना रहा है, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और भरोसे की नई मिसाल भी पेश कर रहा है. उत्तर प्रदेश अब डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भविष्य की दिशा तय करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है.

The post सीएम योगी के संकल्प से यूपी बना डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का राष्ट्रीय मॉडल appeared first on Prabhat Khabar.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Vikash Kumar Editor-in-chief