नालंदा में CMR आपूर्ति में देरी पर जिलाधिकारी की सख्ती:10 अगस्त तक 100% आपूर्ति का अल्टीमेटम, अब तक 92.39 प्रतिशत की ही आपूर्ति

Aug 4, 2025 - 16:30
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नालंदा में CMR आपूर्ति में देरी पर जिलाधिकारी की सख्ती:10 अगस्त तक 100% आपूर्ति का अल्टीमेटम, अब तक 92.39 प्रतिशत की ही आपूर्ति
नालंदा जिले में धान खरीद के बाद कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारी समितियों और मिलों को 10 अगस्त तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति का कड़ा निर्देश दिया गया है। सहकारी समितियों (पैक्स/व्यापार मंडल) की ओर से खरीदे गए धान के खिलाफ राज्य खाद्य निगम को अब तक केवल 92.39 प्रतिशत कस्टम मिल्ड राइस की आपूर्ति की गई है। चिंताजनक बात यह है कि 88 समितियों पर लगभग 315.47 लॉट सीएमआर का बकाया है, जो खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा निर्धारित 10 अगस्त 2025 की तिथि अंतिम है। उन्होंने कहा की यह अवधि विस्तार भारत सरकार की ओर से अंतिम है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। बकायादार समितियों की पहचान बैठक में कई समितियों की लापरवाही सामने आई है। सबसे अधिक बकाया एक्सरा समिति पर 29 लॉट, पचोला पर 27 लॉट, नीरपुर पर 13 लॉट, पोखरपुर पर 12.23 लॉट और चेरो पर 11.52 लॉट सीएमआर का है। इसके अलावा खैरा (9.49 लॉट), ओप (8.47 लॉट), केशोपुर (8 लॉट), सारे (7.38 लॉट), बरदहा (7.30 लॉट) और सांडा (6.62 लॉट) समितियों पर भी बड़ी मात्रा में बकाया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा तक जो समितियां शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध धान गबन के आरोप में कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी समितियों के विरुद्ध नील पत्रवाद (ब्लू लेटर) भी दायर किया जाएगा। मिलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई मिलें अपने दैनिक लक्ष्य के अनुपात में बहुत कम मात्रा में सीएमआर तैयार कर रही हैं। जिलाधिकारी ने इन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप उत्पादन नहीं करने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई होगी। लगातार निगरानी के दिए निर्देश बैठक में सहकारिता विभाग के सभी पदाधिकारियों को दैनिक समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे समितियों के अध्यक्ष, प्रबंधक और मिल मालिकों के साथ नियमित बैठक कर समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा की किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाली समितियों, मिलों तथा पदाधिकारियों के विरुद्ध निश्चित रूप से सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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