मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गलत आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास हुआ है। इसके पीछे राजनीतिक षडयंत्र को लेकर पुलिस जांच कर रही है। सरैया अंचल के राजस्व अधिकारी अभिषेक सिंह ने इस मामले में 30 जून को एफआईआर दर्ज कराई है। जबकि, ये मामला 3 अगस्त को सामने आया है। अधिकारी का आरोप है कि मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह की साजिश रची गई थी। जो सत्यापन के दौरान ही पकड़ा गया। अब ऑनलाइन आवेदन करने वाले साजिशकर्ता की पुलिस तलाश कर रही है। शिवहर के सलेमपुर निवासी राजस्व अधिकारी अभिषेक सिंह ने एफआईआर में कहा है कि 29 जुलाई को ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र को पूरा कर रहा था। इस क्रम में पाया कि एक आवेदन मुख्यमंत्री नीतीश कुमारी, पिता लखन पासवान, माता लकिया देवी के नाम का है। आवेदक की तस्वीर की जगह मुख्यमंत्री की तस्वीर आवेदन में आवेदक की तस्वीर की जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर लगी हुई थी। आवेदन देखकर इसकी जांच शुरू की। जांच के क्रम में पाया गया कि अज्ञात व्यक्ति ने मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने और प्रशासनिक काम के सवालों के घेरे में लाने के लिए इस तरह का आवेदन किया गया है। थाना अध्यक्ष सुभाष मुखिया ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है। एसआई अनिल कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। बता दें कि हाल में ही एक कुत्ते की आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का मामला वायरल हुआ था। जिसको लेकर देश स्तर पर बिहार में प्रशासन पर सवाल खड़ा हुआ था। साथ ही आवासीय प्रमाण पत्र के नाम पर चल रहे खेल पर सवाल उठा था। इस घटना के बाद से सूबे में आवासीय प्रमाणपत्र के ऑनलाइन आवेदन की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में सरैया में मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ उनके गलत नाम पर आवासीय बनवाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।