भाजपा-जदयू की मिलीभगत से राज्य में 70 हजार करोड़ रुपए के गबन का हुआ है खुलासा : कांग्रेस
भास्कर न्यूज | सीतामढ़ी जिला कांग्रेस अध्यक्ष रकटू प्रसाद ने गुरुवार को ललित आश्रम गांधी मैदान में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 70 हजार करोड़ रुपए के गबन को लेकर कैग की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने 49,649 उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) अब तक जमा नहीं किए। इन प्रमाणपत्रों की कुल राशि 70,877.61 करोड़ है। कहा कि यह राशि बिहार के कुल बजट का एक तिहाई हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला भाजपा-जेडीयू सरकार की मिलीभगत से हुआ। रकटू प्रसाद ने कहा कि बिहार में पुल, बिजली, शिक्षा और रोजगार की बातें तो हुईं, लेकिन इन योजनाओं का कोई हिसाब सरकार के पास नहीं है। कैग की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि सरकार के पास यह जानकारी नहीं है कि यह पैसा कहां खर्च हुआ। उन्होंने कहा कि यह आज़ाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा डाका है, जो गरीबों के हक पर डाला गया। कैग की रिपोर्ट स्टेट फाइनेंस रिपोर्ट नंबर-1 2025 हाल ही में विधानसभा में पेश की गई। इसमें बताया गया कि 31 मार्च 2024 तक 49,649 यूसी लंबित हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुदान राशि के खर्च के 18 महीने के भीतर यूसी जमा करना अनिवार्य है। लेकिन, कई प्रमाणपत्र 10 साल से भी अधिक समय से लंबित हैं। रिपोर्ट में विभागवार आंकड़े भी दिए गए हैं। रकटू प्रसाद ने कहा कि सरकार ने बच्चों की शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, किसानों और शहरी विकास जैसे अहम विभागों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा-जेडीयू सरकार ने बीते पाँच सालों में 3,59,667 करोड़ की बजट राशि खर्च ही नहीं की। इसमें लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केंद्र प्रायोजित योजनाओं का था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमोद कुमार नील, संजय कुमार बिररख, मो. शम्स शाहनवाज, रितेश रमण सिंह, ताराकान्त झा, रोहन कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुशवाहा, सुप्रिया कुमारी, जैनेन्द्र कुमार और विनय कुमार मौजूद रहे।
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