बेगूसराय में माघी पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब:सिमरिया समेत सभी घाटों पर उमड़ी भीड़, 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान

Feb 1, 2026 - 13:30
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बेगूसराय में माघी पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब:सिमरिया समेत सभी घाटों पर उमड़ी भीड़, 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
बेगूसराय जिले के प्रसिद्ध सिमरिया सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही गंगा स्नान और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। 'हर-हर गंगे और जय मां गंगे' के उद्घोष से पूरा गंगा तट भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। ठंड के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए घाटों पर पहुंचे। सिमरिया गंगा धाम, झमटिया घाट, चकिया घाट, बछवाड़ा और तेघड़ा क्षेत्र के घाटों पर सुबह से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात में ही घाटों पर पहुंच गए थे, जिससे ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर सकें। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में लोगों ने दान-पुण्य भी किया और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र एवं फल का दान दिया। इस दौरान मंदिरों में भी पूजा-अर्चना किया गया। माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार माघ मास को सभी महीनों में सबसे पवित्र माना गया है और इस माह में गंगा स्नान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर गंगा में स्नान करते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके अलावा सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने और कराने की भी परंपरा है। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में सत्यनारायण कथा का आयोजन किया, वहीं घाटों पर ब्राह्मण भोजन कराकर पुण्य अर्जित किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सिमरिया गंगा घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गोताखोरों की टीम और स्थानीय प्रशासन के कर्मी लगातार घाट पर निगरानी कर रहे थे। लोगों को पानी में आगे बढ़ने से रोका जा रहा था, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें। भक्तिमय माहौल और मेले जैसा नजारा माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर मेले जैसा माहौल देखने को मिला। पूजा सामग्री, फूल, प्रसाद और धार्मिक समान की दुकानों पर भीड़ लगी रही। बच्चों के लिए खिलौने और खाने-पीने की दुकानों पर रौनक रही। दूर-दराज के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और परंपरा का पर्व बताया। श्रद्धालुओं का कहना है कि माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग सिमरिया गंगा घाट पहुंचते हैं। कुल मिलाकर पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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