बच्चों के लिए वोट नहीं दिया, इसलिए पलायन कर रहें:बेगूसराय में जुन सुराज की सभा, कहा- मोदी की फैक्ट्री में युवाओं को करनी पड़ रही नौकरी
बेगूसराय में बुधवार को जन सुराज की ओर से नावकोठी में बिहार बदलाव सभा आयोजित हुई। जिसमें प्रशांत किशोर और अंगिका गायक छैला बिहारी को सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। हाल के दिनों में बेगूसराय में प्रशांत किशोर की जितनी सभा हुई थी, सबसे अधिक भीड़ नावकोठी में जुटी। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों ने मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, वह बन गया। जाति के नाम पर वोट दिया तो नीतीश कुमार ने जाति गणना करा दी। पीएम मोदी बिहार के लोगों का वोट और देश भर का पैसा लेकर अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं। आपने अभी तक अपने बच्चों के लिए वोट नहीं दिया। इसलिए आपके बच्चे मोदी के गुजरात में जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में मजदूरी कर रहे हैं। अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा आपने मोदी का चेहरा देखकर वोट दिया तो चायवाला प्रधानमंत्री बन गया। लालू का चेहरा देखकर वोट दिया तो भैंस चराने वाला 30 साल से राजा बना रहा है। नीतीश का चेहरा देखकर वोट दिया तो वैद्य का लड़का 20 साल से शासन कर रहा है। इस बार नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें, चाहे लालू हो, नीतीश हो या मोदी। इस बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें। इस बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें। इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। छठ के बाद बेगूसराय के युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। बेगूसराय के ही नहीं, बिहार भर के ऐसे 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर यहीं 10-12 हजार रुपए का रोजगार दे दिया जाएगा। दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाएगा, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाएं, उनकी फीस सरकार भरेगी। प्रशांत किशोर ने बिहार की बदहाली को लेकर नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधा। इसके साथ ही विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल उठाए। नाम काटने की साजिश चल रही है सभा के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता हनुमान है और हम जामवंत हैं। डोमिसाइल को लेकर भी नीतीश कुमार पर निशाना साधा। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले कई हफ्ते से बोल रहे हैं कि चुनाव आयोग सत्तारुढ़ दल भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर बिहार के उन लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटने की कोशिश कर रहा है, जो वंचित और गरीब जनता है। बिहार के लाखों बच्चे बाहर गए हैं मजदूरी करने। सरकार को मालूम है कि वह यहां आएंगे और एनडीए के खिलाफ वोट करेंगे। इसलिए उनका नाम काटने की साजिश चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि जिसके पास भी आधार कार्ड है, उसका नाम वोटर लिस्ट में रहेगा। चुनाव आयोग को नागरिकता साबित करने का अधिकार नहीं है अगर दो चार लोगों का नाम कट भी गया तो कोई बात नहीं है। 95 लोग भाजपा और नीतीश कुमार को हटाने के लिए काफी है 100 में 95 लोगों का नाम वोटर लिस्ट में है तो वही 95 लोग भाजपा और नीतीश कुमार को हटाने के लिए काफी है। नीतीश कुमार की सरकार हटानी ही होगी, कोई रोक नहीं सकता है। प्रशांत किशोर के सभा को परमिशन की जरूरत नहीं है। प्रशांत किशोर जामवंत हैं और जनता हनुमान है। जनता अपनी ताकत भूल गई थी, जो जब वापस आ गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आया तो 400 रुपए महीना मिलने वाला पेंशन 1100 रुपया हो गया। आशा दीदी का मानदेय बढ़ गया, रसोईया का वेतन डबल हो गया। डोमिसाइल में बदलाव करने जा रहे है, यह दिखता है कि लोकतंत्र में अगर बढ़िया विकल्प होगा तो बिहार का कितना बड़ा फायदा होने वाला है। नीतीश कुमार चाहे कुछ भी कर लें, कुछ नहीं होने वाला नीतीश कुमार चाहे कुछ भी कर लें, कुछ नहीं होने वाला है। जनता नया बिहार बनाने के लिए तैयार बैठी है। अभी जो डोमिसाइल हटाया गया है वह टीआरई-4 के लिए हटाया गया है। 2023 में उन्होंने हटाया, लोकसभा चुनाव में नशा प्रधानमंत्री बनने का था। बिहार में दूसरे राज्य के लोगों को नौकरी दे दी। अभी जब चुनाव आया तो टीआरई-4 में प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में बिहार के युवाओं के लिए 2 तिहाई नौकरी रिजर्व होनी चाहिए, यह जन सुराज की डिमांड है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 8 अगस्त को बिहार में सीता मंदिर का शिलान्यास करने आ रहे हैं तो उनसे पूछिए कि बिहार में फैक्ट्री का शिलान्यास करने पिछली बार कब आए थे। इस दौरान छैला बिहारी ने भी लोगों को खूब रिझाया।
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