हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने जिले के दो विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। औरंगाबाद आगमन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जिले के प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुटुंबा हम पार्टी की पारंपरिक सीट है। विधानसभा चुनाव में भले ही पार्टी के उम्मीदवार श्रवण भुइयां चुनाव हार गए थे, लेकिन पार्टी का जनाधार काम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ता चुनाव लड़ना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि कुटुंबा के अलावा हम पार्टी को औरंगाबाद में एक और सीट मिलना चाहिए। हालांकि कुटुंबा के अलावा किस विधानसभा सीट पर उनके पार्टी की दावेदारी है, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। मंत्री ने कहा कि अगले महीने में एनडीए की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें वह अपनी मांगों को रखेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। जिसमें कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। नबीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं जिलाध्यक्ष रणधीर हालांकि पूर्व में जिला अध्यक्ष रणधीर कुमार सिंह ने नबीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने नबीनगर में जनसंपर्क भी किया था। लेकिन फिलहाल कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं। इधर कुटुंबा में भी हम पार्टी के प्रत्याशियों की लंबी लाइन है। कई कार्यकर्ता पूर्व से ही खुद को हम पार्टी का प्रत्याशी बताते हैं। कुटुंबा से चुनाव लड़ने का इच्छा रखने वाले कई नए लोग भी पार्टी में शामिल हुए। हालांकि यह भी चर्चा है कि कुटुंबा विधानसभा सीट जदयू खाते में चली गई है। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक फिर कुटुंबा विधानसभा पर अपना दावेदारी पेश कर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दिया है। दर्जनों लोग हुए हम पार्टी में शामिल शहर के नावाडीह में कार्यक्रम के दौरान दर्जनों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने सदस्यता ग्रहण करने वाले सभी लोगों को पट्टा पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गरीबों की पार्टी है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग पार्टी में शामिल हो रहे हैं। मंत्री पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में मंत्री श्रवण कुमार तथा स्थानीय विधायक पर हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद लोगों में आक्रोश होता है लेकिन कानून हाथ में लेना कहीं से भी सही नहीं है। बताया कि दुर्घटना में नौ लोगों की मौत के बाद मंत्री व विधायक संवेदना जताने गए थे जहां कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। उन्होंने कहा की भीड़ में कुछ उपद्रवी लोग होते हैं जो लोगों को उत्साह कर इस तरह का काम करवाते हैं।