2 फरवरी से शुरू होगी इंटरमीडिएट की परीक्षा:भागलपुर में 59 परीक्षा केंद्र होंगे, जूता पहनकर आने वाले अभ्यर्थी को नहीं मिलेगी एंट्री
भागलपुर में 2 फरवरी से 13 फरवरी तक इंटरमीडिएट वार्षिक सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित होगी। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में केंद्र अधीक्षकों और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया गया। इस साल भागलपुर जिले में कुल 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सदर अनुमंडल में सर्वाधिक 40 केंद्र, नवगछिया अनुमंडल में 10 और कहलगांव अनुमंडल में 9 परीक्षा केंद्र शामिल है। पहली पाली की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि द्वितीय पाली के लिए यह समय दोपहर 1:30 बजे निर्धारित किया गया है। तय समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। केंद्र अधीक्षक के अलावा किसी भी अधिकारी, कर्मी या परीक्षार्थी को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र परिसर में फोटो स्टेट मशीन, कॉपीयर, डुप्लीकेटर जैसी मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार को छोड़कर सभी पार्श्व अथवा पीछे के द्वारों को सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। परीक्षार्थियों के लिए भी DM ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा कक्ष में एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाया जाएगा, ताकि अनुशासन और निगरानी बनी रहे। परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा। यह नियंत्रण कक्ष अनुमंडल कार्यालय, सदर भागलपुर परिसर स्थित सभाकक्ष में संचालित किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी वंदना कुमारी को सौंपी गई है, जिनके साथ अन्य पदाधिकारी भी तैनात रहेंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा कराना है, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें।
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