शिवहर में सुप्रीम कोर्ट निर्देश पर मध्यस्थता अभियान 2.0 शुरू:90 दिन का अभियान, जन-जागरूकता रथ रवाना, लंबित मामलों का त्वरित और निःशुल्क निपटारा
शिवहर व्यवहार न्यायालय परिसर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू किए गए "मध्यस्थता अभियान 2.0" के तहत जन-जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और मैत्रीपूर्ण निपटारा करना है। यह राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय विशेष अभियान 2 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसका लक्ष्य न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करना और आम लोगों को त्वरित, निःशुल्क एवं गोपनीय न्याय उपलब्ध कराना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश ललन कुमार रजक की अगुवाई में इस प्रचार रथ को रवाना किया गया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को मध्यस्थता के लाभों के प्रति जागरूक करेगा। मध्यस्थता एक स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया
इस अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से वैवाहिक विवाद, भूमि-जायदाद से जुड़े मामले, चेक बाउंस तथा उपभोक्ता विवाद जैसे सुलह योग्य मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने बताया कि मध्यस्थता एक स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया है, जिसमें पक्षकार अपनी सहमति से समाधान तक पहुंचते हैं। इस प्रक्रिया में अनुभवी मध्यस्थों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं की सहायता से विवादों का निपटारा किया जाता है। मध्यस्थता से समय और धन दोनों की बचत
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से समय और धन दोनों की बचत होती है, साथ ही आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। न्यायाधीश रजक ने "मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0" अभियान को न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0