वाटसन स्कूल परिसर में 4 मंजिला 500 बेड का छात्रावास बनेगा। अभियंताओं की टीम ने इसका जायजा लेकर रिपोर्ट भी भेजा है व उम्मीद है कि इस वर्ष के आखिर तक इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि वर्तमान में भी छात्र खंडहर में रहने को मजबूर हैं। साथ ही वाटसन स्कूल परिसर की जमीन की पूर्ण मापी व अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी अबतक पूरी नहीं हो सकी है। मालूम हो कि जिले में सरकारी स्तर पर छात्रावास की बेहतर सुविधाएं नहीं रहने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाटसन स्कूल का छात्रावास भी जर्जर भवन में बिना किसी सुविधा के चल रहा है। छात्रावास निर्माण को लेकर एक साल पूर्व विभाग की ओर से वाटसन प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी पत्र लिखा गया था जिसके आलोक में वाटसन के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक ने जगह उपलब्ध होने की बात कही है। उन्होंने उस वक्त कहा था कि वर्तमान में जो स्कूल का छात्रावास है वह जर्जर बन चुका है। हॉस्टल के जीर्णोद्धार के लिए अपर सचिव शिक्षा विभाग के सामने भी इसका मुदा उठाया जा चुका है। आश्वासन भी मिला था। छात्रावास के मेस का भवन भी ध्वस्त हो गया है। छात्रावास के अन्य भवन भी खंडहर हो गए हैं। इस विद्यालय में छात्रों से छोटे कमरे का 1050 रूपए प्रति छात्र लिया जाता है जबकि बेड के आधार पर 650 रूपए ली जाती है। एक साल पूर्व ही इस भवन को क्षतिग्रस्त घोषित किया जा चुका है। वहीं, बता दें कि दो बार अभियंताओं की टीम ने आकर इसका मुआयना भी किया लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस हॉस्टल से अब तक 6 आईएएस, दो आईपीएस सहित कई डाक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, नामी पत्रकार बन चुके हैं। इसकी स्थापना 1901 में की गई थी। यहां स्थानीय, दूसरे जिलों के व अंग्रजो के बच्चों ने भी रहकर पढ़ाई की है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण यह छात्रावास आज खंडहर में तब्दील हो चुका है। हालांकि नए छात्रावास के निर्माण की बात सुनकर शहर वासियों ने हर्ष व्यक्त किया है।