मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में जलस्तर वार्निंग लेवल 38.33 से ऊपर पहुंच गया है और खतरा निशान 39.33 के करीब है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा क्षेत्र और निचले इलाकों में पानी फैल चुका है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच, मुंगेर के जिला मुख्यालय स्थित लाल दरवाजा में करोड़ों रुपए की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह शनिवार से बंद पड़ा है। पंखा खराब होने के कारण शवदाह गृह का संचालन रुक गया है। शवदाह गृह के बंद होने से श्मशान घाट आने वाले लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब उन्हें बाढ़ के पानी वाले क्षेत्रों में जाकर शव जलाना पड़ रहा है। खुले में शव जलाने से बढ़ा प्रदूषण खुले में शव जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही, जिन स्थानों पर लोग शव जला रहे हैं, वहां पानी की अधिक गहराई के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। श्मशान घाट आने वाले लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि बाढ़ के समय में विद्युत शवदाह गृह का बंद होना बड़ी समस्या है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण चारों ओर पानी होने से शव जलाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। लगातार बारिश होने के कारण खराब हुई मशीन नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने बताया कि देर शाम हम लोगों को जानकारी आई थी कि विद्युत शवदाह गृह के मशीन में लगातार बारिश होने के कारण करंट आ गई है। जिस कारण उसे तत्काल बंद कर दिया गया था। रविवार की सुबह जाकर हम लोगों ने वहां पर पड़ताल भी किया। इस समस्या को ठीक करने के लिए इंजीनियर को भी बुला लिया गया है और इंजीनियर के द्वारा विद्युत शवदाह गृह में कार्य किया जा रहा है जल्द ही विद्युत शवदाह गृह को चालू कर दिया जाएगा।