शाम्हो-मटिहानी के बीच बहुप्रतीक्षित पुल के मुद्दा को जन सुराज ने उठाया है। आज जिला कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित हुई। इसमें मटिहानी विधानसभा के संभावित प्रत्याशी डॉ. रंजन चौधरी ने सवाल उठाया है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर बीते दिनों डीएम की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता पर भी सवाल उठाया है। फिर से आंदोलन की बातें कही है। डॉ. रंजन चौधरी ने कहा है कि शाम्हो-मटिहानी के बीच गंगा नदी पर पुल बेगूसराय के लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है। लेकिन मटिहानी के स्थानीय विधायक राजकुमार सिंह व बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोगों की भावनाओं के साथ लगातार खिलवाड़ किया है। शाम्हो-मटिहानी पुल को लेकर सबसे पहले तत्कालीन राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा ने आवाज उठाई थी। उनके प्रयास से पुल निर्माण का डीपीआर भी तैयार हो गया और पुल निर्माण को लेकर भारत सरकार की ओर से गजट भी जारी कर दिया गया। प्रो. राकेश सिन्हा के इस प्रयास को एनडीए के गुटबाजी के कारण काफी व्यवधान का भी सामना करना पड़ा। जनता की नाराजगी दूर करने के लिए नहीं हुआ काम डॉ. रंजन ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जनता की नाराजगी दूर करने के लिए गिरिराज सिंह ने विभागीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से पुल निर्माण से संबंधित बयान एक जनसभा में भी दिलवाया गया। लेकिन पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसको लेकर हमने आमरण अनशन किया था। उस समय केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जल्द ही पुल निर्माण से संबंधित खुशखबरी देने की बात की थी। अब पुल निर्माण के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शाम्हो-मटिहानी पुल अब रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का हिस्सा होगा। यह जानकारी डीएम तुषार सिंगला ने प्रेसवार्ता में दी। एक बार फिर शाम्हो-मटिहानी पुल निर्माण को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास हुआ प्रश्न यह भी उठता है कि तत्कालीन राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जो डीपीआर तैयार करवाया गया और भारत सरकार का गजट निकला, उसका क्या हुआ। यदि उसे निरस्त किया गया तो किसने करवाया। इसकी जानकारी डीएम को सर्वदलीय बैठक बुलाकर देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास है। पुल निर्माण को ठंडे बस्ते में डालने की साजिश है। डीएम की ओर से शाम्हो-मटिहानी पुल को एक्सप्रेस-वे में शामिल करने का श्रेय केंद्रीय मंत्री और सांसद गिरिराज सिंह को दिया गया है। इसलिए जन सुराज पार्टी को यह राजनीतिक साजिश लग रहा है। जन सुराज की ओर से उठाए गए इन प्रश्नों का जवाब नहीं मिलता है, तो एक बार फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मौके पर सरपंच दिलीप सिंह व त्रिभुवन राय भी उपस्थित थे।