किशनगंज में मुर्गियों की मौत की शिकायतें:बर्ड फ्लू की आशंका से पशुपालकों में चिंता, जांच जारी
किशनगंज में पोल्ट्री फार्मों और घरेलू मुर्गी पालन में मुर्गियों की अचानक मौतें बढ़ने से पशुपालकों और स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई है। जिले के विभिन्न इलाकों से ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय पशुपालक इम्तियाज ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उनके फार्म पर 28 से अधिक मुर्गियां अचानक मर गईं। उनमें बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण देखे। इम्तियाज और अन्य किसान आशंका जता रहे हैं कि यह स्वाइन फ्लू हो सकता है, जो सूअरों से पक्षियों तक फैल गया हो। मुर्गी पालकों ने 50 से 500 तक मुर्गियों की मौत की सूचना दी बहादुरगंज, टेढ़ागछ और किशनगंज सदर जैसे ग्रामीण इलाकों से दर्जनों शिकायतें मिली हैं, जहां मुर्गी पालकों ने 50 से 500 तक मुर्गियों की मौत की सूचना दी है। मारकर दफनाने या जलाने का काम शुरू बिहार में हाल के महीनों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़े हैं। दरभंगा में हजारों कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी, जबकि भागलपुर, पटना और जहानाबाद में भी मुर्गियों में संक्रमण पाया गया था। किशनगंज में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है। पशुपालन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी फार्म में असामान्य मौत होने पर तुरंत सूचना दी जाए। प्रभावित क्षेत्रों में मुर्गियों को सुरक्षित तरीके से मारकर दफनाने या जलाने का काम शुरू कर दिया गया है। सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गौरव के अनुसार, बर्ड फ्लू मनुष्यों में कम फैलता है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा रहता है। मनुष्यों में इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस की तकलीफ शामिल हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे मास्क और दस्ताने पहनें तथा पक्षियों के संपर्क में आने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।
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