8 फरवरी को थी बहन की शादी,2 भाइयों की मौत:बक्सर-पटना फोरलेन पर हादसा, 2 बुआ समेत 4 की गई जान; गंगा स्नान करने वक्त हादसा
माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए निकले चार लोगों की मौत ने एक पूरे परिवार की खुशियां निगल ली हैं। बक्सर-पटना फोरलेन पर नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव के पास रविवार सुबह घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण हुए इस हादसे ने उस घर को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जहां 8 फरवरी को शादी होने वाली थी। इसी को लेकर घर में तैयारी चल रही थी। हादसे में SSB जवान ओमकार पांडेय, उनके भाई सुजीत पांडेय और दो बुआ गिरजा देवी और मंजू देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की तस्वीरें…
परिवार का सहारा थे दो बड़े बेटे 40 साल के एसएसबी जवान ओमकार पांडेय तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनके पिता स्व.चितरंजन पांडेय की मौत करीब आठ साल पहले हुई थी। इसके बाद घर और परिवार की पूरी जिम्मेदारी ओमकार और उनसे छोटे भाई सुजीत पांडेय ने संभाली। सुजीत गुजरात की टाटा नमक कंपनी में क्लर्क थे। दोनों भाइयों की शादी हो चुकी थी। ओमकार के तीन बेटियां और एक बेटा है। परिवार के सबसे छोटे सदस्य पवन पांडेय और सबसे छोटी मनीषा आज अपने जीवन का सबसे बड़ा सदमा झेल रहे हैं। पिता के निधन के बाद दोनों भाइयों ने न सिर्फ घर को संभाला, बल्कि बहन मनीषा की पढ़ाई, करियर और शादी तक की जिम्मेदारी भी पूरी शिद्दत से निभाई। दोनों भाइयों का सपना था कि बहन की शादी धूमधाम से हो, और इसी सपने को पूरा करने के लिए वे पिछले कई महीनों से तैयारियों में जुटे थे। 2 फरवरी को तिलक, 8 फरवरी को शादी मनीषा की शादी 8 फरवरी को तय थी और 2 फरवरी को बभनी गांव में तिलक होना था। तिलक के लिए दो से तीन लाख का सामान तैयार कर लिया गया था। रिश्तेदारों का घर आना शुरू हो गया था। हर तरफ हलचल और उत्साह का माहौल था। घर में शादी के गीतों, खरीदारी और तैयारियों की गूंज सुनाई दे रही थी। परिवार वालों ने बताया कि ओमकार और सुजीत दिन-रात एक कर बहन की शादी की तैयारी कर रहे थे। दोनों भाइयों का कहना था कि बहन की शादी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शादी की तैयारी के बीच वे सब माघ पूर्णिमा के स्नान के लिए निकल पड़े और फिर लौटकर कभी नहीं आए। हादसा: कोहरे में दो ट्रकों के बीच चपटी हो गई कार रविवार सुबह लगभग पांच बजे ओमकार पांडेय अपनी ऑल्टो कार (UP65BG8620) से बक्सर की ओर गंगा स्नान के लिए निकले। कार में उनके साथ भाई सुजीत और दो बुआ गिरजा देवी व मंजू देवी थीं। नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव के पास कोहरा इतना घना था कि सड़क दिखाई नहीं दे रही थी। कार के आगे एक ट्रक धीमी रफ्तार से चल रहा था। ओमकार उसी के पीछे कार चला रहे थे। अचानक पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार आगे चल रहे ट्रक और पीछे वाले ट्रक के बीच पूरी तरह दब गई। कार की आकृति तक पहचानने में समय लग गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि मंजर इतना भयावह था कि कार कबाड़ में बदल चुकी थी और भीतर बैठे लोगों के सांस लेने की कोई गुंजाइश नहीं बची थी। घटना के बाद चालक फरार, पुलिस ने ट्रक जब्त किया तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर के बाद कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सुजीत पांडेय गंभीर रूप से घायल मिले और उन्हें बक्सर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद आगे चल रहा ट्रक फरार हो गया, जबकि पीछे से टक्कर मारने वाला ट्रक कुछ दूरी पर ही सड़क किनारे खड़ा कर चालक भाग गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर कोहरे में ट्रकों की रफ्तार सीमित होती, तो हादसा नहीं होता। हर साल कोहरे के समय बक्सर-पटना फोरलेन पर ऐसे हादसे दर्ज होते हैं। प्रशासन ने कई बार चेतावनी जारी की है, लेकिन ड्राइवरों की लापरवाही जानलेवा साबित होती रहती है। बहन मनीषा और भाई पवन का रो-रोकर बुरा हाल खबर जब गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। छोटी बहन मनीषा और भाई पवन बार-बार बेहोश हो रहे हैं। मनीषा बार-बार यही कह रही है- मेरे दो भाई मेरी शादी की तैयारी कर रहे थे, मुझे छोड़कर कैसे चले गए? रिश्तेदार जो शादी का न्योता लेकर आए थे, अब सांत्वना दे रहे हैं। घर के हर कोने में रखे शादी के कपड़े, गहने, उपहार और सजावट का सामान अब इस बात की दर्दनाक याद दिला रहे हैं कि कुछ घंटे पहले तक यहां खुशियों का माहौल था। बहन की शादी को यादगार बनाने वाले दो भाइयों की अर्थियां एक साथ उठेंगी—इससे बड़ा दुर्भाग्य किसी परिवार के लिए नहीं हो सकता। लोग बोले- ऐसी मौतें कब रुकेंगी? कृतसागर, नेनुआ और भरखरा गांवों में चारों मौतों की खबर फैलते ही मातम छा गया। लोग बता रहे हैं कि ओमकार और सुजीत दोनों ही अपने परिवार के लिए समर्पित थे। पिता की मौत के बाद जिस तरह दोनो भाई परिवार का सहारा बने, वह सबके लिए मिसाल था। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि कोहरे में ट्रकों की रफ्तार रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं। हर साल लोग मरते हैं, लेकिन प्रशासन और ट्रांसपोर्ट विभाग में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। तेज रफ्तार और भारी वाहनों की निगरानी न होने से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। फोरलेन पर सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि पीछे से टक्कर मारने वाली ट्रक जब्त कर ली गई है और चालक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोहरे में भारी वाहनों पर नियंत्रण न होना इस भीषण हादसे की प्रमुख वजह है। प्रशासन के लिए यह बड़ा सवाल है कि आखिर क्यों हर साल इस फोरलेन पर दर्जनों लोग कोहरे की सुबह मौत के शिकार हो जाते हैं। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव परिवार को सौंपे जाएंगे। गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन परिवार के लोगों के लिए यह दर्द कभी खत्म नहीं होगा। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी की बधाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब चारों तरफ सिर्फ चित्कार और सन्नाटा है।
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