बोधगया में तीसरा अंतरराष्ट्रीय मैराथन का शानदार आयोजन:15 देशों और 20 राज्यों के 2 हजार धावकों ने भाग लिया, महिलाओं ने पहली बार साड़ी पहन कर लगाई दौड़
बोधगया के ऐतिहासिक कालचक्र मैदान में रविवार को बोधगया मैराथन 2026 का तीसरा संस्करण धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 15 देशों और भारत के 20 राज्यों से कुल 2,000 से अधिक धावकों ने भाग लेकर उत्साह और जोश का लोहा मनवाया। इस आयोजन ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया और बोधगया को एक बार फिर विश्व स्तर पर खेल आयोजन स्थल के रूप में स्थापित किया। विभिन्न आयु वर्ग के धावकों ने अपनी ताकत, सहनशक्ति और मेहनत का प्रदर्शन किया। सुबह 5 बजे ही कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं के सूत्र पाठ से हुई, जिसमें श्रीलंका, तिब्बत, बांग्लादेश और स्थानीय बौद्ध भिक्षु शामिल थे। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतिभागियों की भागीदारी इस मैराथन में भाग लेने वाले धावकों में जापान, दक्षिण कोरिया, भूटान, रूस, कनाडा, फ्रांस, अमेरिका, मलेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, जर्मनी और वियतनाम जैसे 15 देशों के खिलाड़ी शामिल थे। इसके अलावा, भारत के 20 राज्यों से भी प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। यह मैराथन न केवल खेल का उत्सव रही, बल्कि संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक भी बनी।
पुरस्कार वितरण समारोह और सम्मान मैराथन के समापन पर दोपहर में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस वर्ष कुल 6 लाख रुपए की नकद पुरस्कार राशि विजेताओं में वितरित की गई। मंत्री ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि बोधगया मैराथन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। उन्होंने आगामी चौथे संस्करण में स्वयं धावक के रूप में भाग लेने की भी घोषणा की। फुल मैराथन 42 किमी के विजेता फुल मैराथन 42 किलोमीटर में पुरुष वर्ग में अश्क कुमार और महिला वर्ग में आशा सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि क्रमशः गुलशन दूंगदूर, कुणाल आर्य और जिन यू, इलेना अलेकशीवना द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। हाफ मैराथन 21 किलोमीटर में पुरुष वर्ग में पंकज कुमार और महिला वर्ग में पूजा सिंह ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया, उनके पीछे क्रमशः रवि कुमार पाल, पवन सिंह और शिवानी कुमारी, अवंतिका वर्मा रहे। 10 किलोमीटर दौड़ में पुरुष वर्ग में अभिषेक और महिला वर्ग में साधना यादव ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अन्य स्थान विकास कुमार, कामिनी कुमारी और तनुजा कुमारी को मिले। सभी धावकों ने दर्शकों को रोमांचित कर पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
महिलाओं के लिए विशेष ‘साड़ी रन’ और सशक्तिकरण संदेश इस वर्ष पहली बार ‘साड़ी रन’ का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने परंपरागत साड़ी पहनकर दौड़ में भाग लिया। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और खेलों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रतीक रहा।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और भविष्य की योजनाएँ खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बोधगया मैराथन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुकी है, और आने वाले वर्षों में इसे और भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अपने भाषण में धावकों के उत्साह और खेल भावना की सराहना की और भविष्य में और अधिक सहभागिता की उम्मीद जताई।
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