बीपीएससी क्वालीफाई कर शिक्षक बने नवोदित गणेश पांडे की सड़क हादसे में मौत, परिजनों से मिला ब्राह्मण संघ का सहारा — सरकारी मुआवज़ा दिलाने की उठी मांग

बीपीएससी क्वालीफाई कर शिक्षक बने नवोदित गणेश पांडे की सड़क हादसे में मौत, परिजनों से मिला ब्राह्मण संघ का सहारा — सरकारी मुआवज़ा दिलाने की उठी मांग नवादा (ब्यूरो रिपोर्ट - डॉ. उदय उपाध्याय, ई-मीडिया न्यूज़): नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड अंतर्गत छतिहर गांव निवासी दिवंगत गणेश पांडे की असमय सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु से पूरा परिवार शोक में डूबा है। 25 वर्षीय गणेश पांडे ने हाल ही में बीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर शिक्षक पद के लिए चयनित हुए थे और मई 2025 में रजौली प्रखंड के चितरकोली इंटर विद्यालय में योगदान किया था। दुर्भाग्यवश, 28 जून 2025 को विद्यालय जाते समय एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में उनकी जान चली गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय ब्राह्मण संरक्षण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजीव पांडे के नेतृत्व में नवादा जिला इकाई के शिष्टमंडल ने दिवंगत शिक्षक के पिता मथुरा पांडे से उनके पैतृक गांव में भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में शामिल प्रमुख लोग थे: जिला अध्यक्ष श्री विकास पांडे प्रांतीय संयोजक श्री ललित किशोर शर्मा श्री अजय पांडे, श्री गौतम पांडे प्रभारी जिला अध्यक्ष श्री सुनील पांडे एवं ई-मीडिया न्यूज के ब्यूरो चीफ डॉ. उदय उपाध्याय सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को यह भरोसा दिलाया कि संघ उनके साथ है। सरकारी मुआवज़े की मांग एवं कानूनी आधार गणेश पांडे चूँकि एक चयनित शिक्षक थे और कार्यस्थल (विद्यालय) जाने के क्रम में दुर्घटना का शिकार हुए, अतः उनके परिजनों को सरकारी मुआवज़ा मिलने का पूरा अधिकार है। ऐसे मामलों में भारत सरकार एवं राज्य सरकारों की नीतियों के अंतर्गत विभिन्न प्रावधान मौजूद हैं: राज्य सिविल सेवा नियमावली (State Civil Services Rules) के अंतर्गत सेवा के दौरान (या कार्यस्थल जाते समय) दुर्घटना में मृत्यु होने पर "मृतक आश्रित योजना" (Compassionate Appointment) के अंतर्गत आश्रित को नौकरी अथवा मुआवज़ा दिया जा सकता है। नियम 3(A) of Bihar Government Servants' Group Insurance Scheme Rules के अनुसार, दुर्घटना में मृत्यु पर विशेष बीमा राशि दी जाती है। The Fatal Accidents Act, 1855 की धारा 1A के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की मौत किसी की लापरवाही (जैसे सड़क दुर्घटना) के कारण होती है, तो उसके आश्रित मुआवज़े के लिए दावा कर सकते हैं। Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 166 एवं 140 के तहत, परिजन Claim Tribunal में मुआवज़े की याचिका दायर कर सकते हैं — चाहे वाहन की गलती हो या न हो, No Fault Liability के तहत भी कुछ मुआवज़ा निर्धारित है। मांग और सुझाव: जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को तुरंत पहल कर मृतक शिक्षक के परिवार को राहत राशि प्रदान करनी चाहिए। आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाए। यदि दुर्घटना सरकारी वाहन या लापरवाही से हुई है तो संबंधित विभाग पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। ई-मीडिया न्यूज़ परिवार दिवंगत गणेश पांडे जी की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करता है एवं परिवार के इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। रिपोर्ट: डॉ. उदय उपाध्याय, ब्यूरो चीफ, ई-मीडिया न्यूज़, नवादा (बिहार)

Jul 7, 2025 - 09:23
Jul 31, 2025 - 13:47
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Uday Upadhyay I'm Bueiro Cheif Nawada, Bihar.