Pink Bus Bihar: 21 हजार महिलाओं की पहली पसंद बनी पिंक बस, जानें क्यों ऑटो छोड़ सुरक्षित सफर चुन रहीं महिलाएं
Pink Bus Bihar: शहर के भीतर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई पिंक बस सेवा अब पटना में तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार पिछले आठ महीनों में अब तक 21 हजार से अधिक महिला यात्री पिंक बस से सफर कर चुकी हैं. खासतौर पर गांधी मैदान से नेहरू पथ के बीच यह सेवा महिलाओं की पहली पसंद बनती जा रही है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में यात्री ऑटो को छोड़ पिंक बस का इंतजार करती दिखती हैं.
नेहरू पथ पर पिंक बस बनी महिलाओं की पहली पसंद
नेहरू पथ का इलाका पिंक बस के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हो चुका है. जेडी वीमेंस कॉलेज, शेखपुरा मोड़, हाईकोर्ट, पटना जू जैसे प्रमुख स्थानों पर महिलाएं अब ऑटो के बजाय पिंक बस को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक मानने लगी हैं. स्थिति यह है कि नेहरू पथ पर लगभग हर दस मिनट में पिंक बस दिखाई दे जाती है, जिससे महिलाओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता.
पिंक बस सेवा की शुरुआत मई 2025 में पहले चरण में 20 बसों के साथ हुई थी, जिनमें से आठ बसें पटना के लिए और शेष अन्य जिला मुख्यालयों के लिए चलाई गई थीं. बाद में नवंबर में सेवा के विस्तार के तहत बसों की संख्या बढ़ाई गई. फिलहाल राजधानी पटना में 35 पिंक बसें संचालित हो रही हैं. अन्य जिला मुख्यालयों में भी पांच-पांच बसों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे महिला यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.
पटना जिले के सभी अनुमंडल जुड़े पिंक बस से
अब पिंक बस सेवा सिर्फ शहरी सीमा तक सीमित नहीं रही है. दनियावां, दुल्हिनबाजार, फतुहा, मनेर और पुनपुन जैसे अनुमंडलों से भी महिलाएं पिंक बस के जरिए पटना आ-जा रही हैं. इसके साथ ही पटना से हाजीपुर तक भी पिंक बस सेवा शुरू हो चुकी है, जिससे कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत मिली है.
परिवहन विभाग ने पिंक बस को लेकर नियम स्पष्ट किया है कि महिलाएं अपने साथ अधिकतम पांच साल तक के बच्चे को ही यात्रा में ले जा सकती हैं. पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे को पिंक बस में सफर की अनुमति नहीं होगी. यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और बस में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है.
गणतंत्र दिवस पर दिखेंगी महिला चालक
पिंक बस सेवा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और नई मिसाल पेश करने जा रही है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से दस महिला चालकों को पिंक बस चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इनमें से पांच से छह महिला चालक पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं, जो गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में निकलने वाली निगम की झांकी में पिंक बस चलाती हुई नजर आएंगी. यह पहली बार होगा जब पिंक बस की कमान महिलाओं के हाथों में दिखाई देगी.
सुरक्षित सफर से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
पिंक बस सेवा ने पटना की महिलाओं को न सिर्फ सुरक्षित सफर का विकल्प दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है. बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अब सार्वजनिक परिवहन में खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस कर रही हैं.
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