पटना में 3.95 लाख नाम वोटर लिस्ट से कटे:1 अगस्त से 1 सितम्बर तक नाम जोड़ने, हटाने और सुधार का मौका; महागठबंधन ने पूछा हटाने का आधार
बिहार में चुनाव आयोग ने नई वोटर लिस्ट जारी कर दी है। जिसके तहत 1 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 तक सभी मतदान केंद्रों और निर्धारित स्थलों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इस सूची में सभी योग्य मतदाताओं के नाम शामिल हैं, और अगर किसी का नाम छूट गया है या किसी गलत व्यक्ति का नाम सूची में है, तो उसे सुधारने के लिए लोग 1 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। पटना में 3.95 लाख मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया राजधानी पटना के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में 46,51,694 मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। पहले की सूची में 50,47,194 मतदाता थे। इनमें से लगभग 3.95 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जो या तो अब जीवित नहीं हैं, स्थानांतरित हो चुके हैं, या पहले से कहीं और पंजीकृत हैं। 1 अगस्त से 1 सितम्बर तक लोग अपने नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार करवाने के लिए प्रपत्र-6, 7, 8 में ऑनलाइन voters.eci.gov.in भी आवेदन कर सकते हैं। बीएलओ और विशेष कैम्प की व्यवस्था बीएलओ सप्ताह के सभी सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक कैंप में मौजूद रहेंगे। 2 अगस्त से 1 सितम्बर तक, हर दिन प्रखंड-अंचल कार्यालय और शहरी निकाय कार्यालयों में विशेष कैम्प लगाए जाएंगे। जहां लोग जाकर छूटा हुआ नाम या आवेदन में सुधार करवा सकते हैं। दिव्यांग व वृद्ध मतदाताओं के लिए बीएलओ घरों पर जाकर फॉर्म भरवाएंगे। महागठबंधन ने पूछा- जिनका नाम काटा गया उसका आधार क्या? सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई जिसमें अभियान की जानकारी साझा की गई और सुझाव लिए गए। बैठक में बिहार के राजनीतिक दलों ने कई सवाल पूछे हैं और इनका कहना है कि कई सवालों का जवाब चुनाव आयोग नहीं दे पाई। बैठक में महागठबंधन के लोगों ने चुनाव आयोग से पूछा कि जिन लोगों का नाम यह कहकर काटा गया है कि वह मर गया है उसका आधार क्या है इन लोगों ने बताया कि बगल से पूछ करके यह बताया गया यह मर गया है उनका नाम काट दिया गया जो बिल्कुल गलत है। 65 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं यह चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को बता दिया है इस पर जब पूछा गया कि क्या-क्या आधार है चुनाव आयोग ने कहा कि आधार कई तरीके के हैं। हालांकि कागजात के आधार पर यह नाम काटे गए इस पर से इनका कहना है कि चुनाव आयोग कोई भी जवाब नहीं दे पाया। चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया गया है कि जिन लोगों के नाम इस आधार पर काटे गए हैं कि वह दूसरे जगह चले गए उसका आधार क्या है इस पर महागठबंधन के लोगों का कहना था चुनाव आयोग ने कहा कि लोगों से पूछ कर उनके नाम काट दिए गए राष्ट्रीय जनता दल की नेत्री मुकुंद सिंह ने चुनाव आयोग से कई मांग की है। उन मांगों को लेकर तत्काल महागठबंधन के लोगों को जवाब देने कहा है। ये है प्रमुख मांगें वोटर लिस्ट की जो प्रक्रिया है उसे कितने लाख मतदाताओं को मुहैया कराई गई इसका जवाब देने के लिए कहा गया है। यह भी मांग की गई है कि किस आधार पर ट्रेस लैस मतदाताओं के नाम काटे गए। यह भी पूछा गया है कि जो लोग मर गए आखिर उनका नाम किस आधार पर काटा गया। चुनाव आयोग से 2003 का वोटर लिस्ट की कॉपी मांगी गई है। चुनाव आयोग से यह भी पूछा गया है कि प्रत्येक विधानसभा कितने लोगों के नाम काटे गए? बीएलओ, बीएलए और ईआरओ की जिम्मेदारी सभी 5,665 बीएलओ और 527 सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया गया है। बीएलओ के साथ बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी सहयोग कर रहे हैं, जो एक दिन में 10 और अधिकतम 30 फॉर्म जमा कर सकते हैं, लेकिन साथ में घोषणा-पत्र देना अनिवार्य होगा। साथ ही निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को राजनीतिक दलों से सप्ताह में एक बार बैठक करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर की गई कार्रवाई इस पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर अब तक 11 बीएलओ पर कार्रवाई, 3 पर प्राथमिकी दर्ज, 8 शिक्षकों को निलंबित और 3 सेविकाओं को हटाया गया। किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में कंट्रोल रूम और टोल फ्री हेल्पलाइन 1950 चालू है। अंतिम मतदाता सूची 30 सितम्बर 2025 को प्रकाशित होगी। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने नाम की जांच करें और अगर कोई सुधार या बदलाव करना हो तो निर्धारित ड्राफ्ट में आवेदन करें। यह अभियान हम सभी के सहयोग से सफल हो सकता है।
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