DMCH में जूनियर डॉक्टर-मरीज के परिजनों के बीच मारपीट:इलाज में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप, पुलिस ने मामला शांत कराया; इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही

Feb 1, 2026 - 08:30
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DMCH में जूनियर डॉक्टर-मरीज के परिजनों के बीच मारपीट:इलाज में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप, पुलिस ने मामला शांत कराया; इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को जूनियर डॉक्टरों और मरीज के परिजनों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट के बाद अस्पताल की इमरजेंसी सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती है। शिकायत करने पर जूनियर डॉक्टरों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद के बाद उन्हें जबरन एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहीं, जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मरीज का समुचित इलाज किया जा रहा था, लेकिन परिजन बेवजह हंगामा कर रहे थे। अस्पताल कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि परिजनों ने पहले विवाद शुरू किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। मौके से एक परिजन अमित कुमार को कब्जे में लिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले की जांच कर रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। मारपीट के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे जानकारी के अनुसार कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरीनगर गांव में मारपीट हुई थी। जिसमें करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचे थे। इसी दौरान वार्ड में राउंड लगा रहे दो पीजी डॉक्टरों से दो परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी। एक परिजन को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया डॉक्टरों का कहना था कि मरीज को देखने के बाद दवा लिख दी गई थी। आगे की प्रक्रिया नर्सिंग स्टाफ में जुटे हुए थे। विवाद बढ़ने पर दोनों परिजन डॉक्टरों से हाथापाई करने लगे। इससे आक्रोशित डॉक्टरों ने एक परिजन को पकड़ लिया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। रात 11 बजे के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल पकड़े गए परिजन को डॉक्टरों ने एक कमरे में बंद कर दिया और इसके बाद इमरजेंसी विभाग में इलाज पूरी तरह ठप कर दिया गया। डॉक्टर फरार युवक की गिरफ्तारी और बदसलूकी करने वाले परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा इमरजेंसी विभाग पहुंचे। करीब रात 11 बजे इमरजेंसी सेवा दोबारा बहाल की गई, तब जाकर मरीजों का इलाज शुरू हो सका।

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