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मालगोदाम में 3–4 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तार, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

पोल हटने के बाद जमीन के बेहद करीब पहुंची विद्युत लाइन, बच्चों-बुजुर्गों और जानवरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल नवादा, बिहार | मालगोदाम मोहल्ला, न्यू रेलवे स्टेशन मुख्य द्वार के समीप रिपोर्ट: उदय उपाध्याय, E-MEDIA NEWS, नवादा
Nawada, Bihar, Malgodam
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मालगोदाम में 3–4 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तार, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
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⚠️ मालगोदाम में 3–4 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तार, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा


पोल हटने के बाद जमीन के बेहद करीब पहुंची विद्युत लाइन, बच्चों-बुजुर्गों और जानवरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

नवादा, बिहार | मालगोदाम मोहल्ला, न्यू रेलवे स्टेशन मुख्य द्वार के समीप

रिपोर्ट: उदय उपाध्याय, E-MEDIA NEWS, नवादा


नवादा शहर के मालगोदाम मोहल्ले में न्यू रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के पास बिजली के तारों की ऐसी स्थिति सामने आई है, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मौके की तस्वीरों के अनुसार विद्युत तार जमीन से लगभग 3–4 फीट की ऊंचाई पर झूलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यदि यह लाइन चालू है, तो इसकी स्थिति आम लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और आसपास घूमने वाले पशुओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।


स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, यह विद्युत व्यवस्था पहले एक मकान की पहली मंजिल की रेलिंग के पास/सहारे से होकर आगे बढ़ाई गई थी। बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने अपने मकान से उस सहारे को अलग कर दिया, जिसके बाद तार नीचे की ओर लटक गए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिजली का यह तार किसकी जिम्मेदारी है और इसे सुरक्षित स्थिति में कौन करेगा?


🔴 क्या यह घरेलू बिजली की लाइन है?

तस्वीर देखकर केवल अनुमान लगाया जा सकता है कि यह LT घरेलू विद्युत आपूर्ति से संबंधित लाइन हो सकती है। भारत में सामान्य घरेलू सप्लाई लगभग 230V AC, 50 Hz होती है। लेकिन वास्तविक लाइन का वोल्टेज और यह निर्धारित करना कि कौन-सी लाइन किस उपभोक्ता/वितरण व्यवस्था से संबंधित है, विद्युत विभाग की मौके पर जांच के बाद ही निश्चित होगा।

इसलिए जब तक विभाग जांच न कर ले, इन तारों को लाइव मानकर चलना और उनसे पूरी दूरी बनाए रखना ही सुरक्षित है।


⚠️ सबसे बड़ा खतरा क्या है?

अगर यह तार विद्युत प्रवाह में है और केवल 3–4 फीट की ऊंचाई पर लटक रहा है, तो स्थिति बेहद गंभीर है।


  • कोई छोटा बच्चा खेलते-खेलते तार तक पहुंच सकता है।
  • कोई बुजुर्ग या राहगीर अनजाने में तार से संपर्क कर सकता है।
  • कोई व्यक्ति लोहे की पाइप, डंडा या अन्य सामान उठाकर तार के संपर्क में आ सकता है।
  • सड़क/गली से गुजरने वाला पशु भी तार की चपेट में आ सकता है।
  • बारिश या नमी की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है।
  • तार टूटकर जमीन पर गिरने की स्थिति में करंट फैलने और गंभीर दुर्घटना की आशंका हो सकती है।

विद्युत दुर्घटना में मानव या पशु जीवन को नुकसान की संभावना होने पर Electricity Act, 2003 की धारा 161 में दुर्घटना की सूचना देने संबंधी प्रावधान भी मौजूद हैं।


🏛️ बिजली विभाग की क्या जिम्मेदारी बनती है?

यदि जांच में यह पाया जाता है कि तार/सर्विस लाइन/पोल अथवा उससे संबंधित सपोर्ट डिस्कॉम की विद्युत व्यवस्था का हिस्सा है, तो संबंधित विद्युत वितरण कंपनी को मौके का निरीक्षण करके लाइन को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना चाहिए।


बिहार Electricity Supply Code में electric line की परिभाषा में उस लाइन को सहारा देने वाला pole अथवा अन्य support भी शामिल है। Supply Code में service line और licensee equipment से संबंधित जिम्मेदारियां भी निर्धारित हैं।


इस मामले में विभाग को प्राथमिकता के आधार पर:

1. मौके पर JE/विद्युत तकनीकी टीम भेजनी चाहिए।

2. पहले लाइन को सुरक्षित/आवश्यक होने पर अस्थायी रूप से बंद करना चाहिए।

3. यह जांच करनी चाहिए कि तार किस feeder/pole/service connection से संबंधित है।

4. तार को निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई और उचित support पर व्यवस्थित करना चाहिए।

5. यदि मौजूदा पोल अनुपयुक्त, क्षतिग्रस्त या अनुपस्थित है, तो तकनीकी निरीक्षण के बाद उचित विद्युत पोल/support लगाने की कार्रवाई करनी चाहिए।

6. तारों की insulation, joint, connection और pole/support की भी जांच होनी चाहिए।

7. सड़क/सार्वजनिक रास्ते पर खतरा होने की स्थिति में तत्काल barricading या warning व्यवस्था की जानी चाहिए।


Bihar में बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 1912 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। संबंधित DISCOM के आधिकारिक शिकायत तंत्र में बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 1912 और ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।


🏠 मकान मालिक की क्या जिम्मेदारी है?

अगर वास्तव में मकान मालिक ने अपनी संपत्ति की रेलिंग/सहारे से विद्युत लाइन को अलग किया है, तो उसे स्वयं तार को पकड़ना, खींचना, काटना, जोड़ना या किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति से उसकी मरम्मत करवाना नहीं चाहिए।


उसे तत्काल विद्युत विभाग को सूचना देकर कहना चाहिए कि:

“मेरे मकान से विद्युत लाइन का सहारा हट गया है और लाइन अब सार्वजनिक रास्ते के पास कम ऊंचाई पर लटक रही है। इससे जान-माल का खतरा है। कृपया तत्काल विद्युत लाइन को सुरक्षित करें।”

अगर वह सहारा विद्युत विभाग की लाइन को सपोर्ट कर रहा था, तो उसका तकनीकी विकल्प विभाग द्वारा तय किया जाना चाहिए। बिहार Supply Code में service line के संबंध में licensee की संपत्ति और नियंत्रण से जुड़े प्रावधान हैं।


हालांकि, सिर्फ इस तस्वीर के आधार पर मकान मालिक को कानूनी रूप से दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा। पहले यह जांच जरूरी है कि रेलिंग/सहारा निजी था या विभागीय व्यवस्था का हिस्सा था और उसे हटाने की अनुमति/सूचना दी गई थी या नहीं।


🏗️ अगर नया बिजली पोल लगाना पड़े तो कौन लगाएगा?


यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

अगर तकनीकी जांच में यह वितरण नेटवर्क/service line का आवश्यक support पाया जाता है, तो संबंधित वितरण कंपनी के अधिकारी यह तय करेंगे कि नया पोल/support कहां और किस specification का लगाया जाना है।

मकान मालिक को अपनी तरफ से बिजली का पोल लगाकर तार जोड़ने या विद्युत लाइन को स्थानांतरित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।


Bihar Electricity Supply Code में service-line और distribution-system से संबंधित कार्यों के लिए licensee की भूमिका तथा निर्धारित प्रक्रिया दी गई है। कुछ परिस्थितियों में consumer को approved estimate/layout के अनुसार licensed electrical contractor के माध्यम से कार्य कराने का विकल्प भी Code में है—लेकिन ऐसा कार्य licensee की स्वीकृति/तकनीकी supervision और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होना चाहिए।

इसलिए इस मामले में पहला कदम विभागीय site inspection होना चाहिए, न कि स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति द्वारा पोल या तार को अपने तरीके से लगाना।


🚨 अब तुरंत क्या होना चाहिए?

E-MEDIA NEWS की ओर से संबंधित अधिकारियों से मांग है कि:

पहला चरण — तत्काल सुरक्षा

तार के आसपास लोगों और बच्चों की आवाजाही रोकने के लिए अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए और लोगों को तार से दूर रहने की चेतावनी दी जाए।


दूसरा चरण — विद्युत आपूर्ति की जांच

विद्युत विभाग मौके पर पहुंचकर यह सुनिश्चित करे कि तार live है या नहीं और किस विद्युत व्यवस्था से जुड़ा है।


तीसरा चरण — तकनीकी निरीक्षण

JE/AE स्तर के अधिकारी यह निर्धारित करें कि समस्या पोल की है, service line की है, support की है या उपभोक्ता परिसर से संबंधित installation की।


चौथा चरण — स्थायी समाधान

जरूरत पड़ने पर उचित स्थान पर नया pole/support लगाकर तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए।


पांचवां चरण — जिम्मेदारी तय हो

यदि किसी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति विद्युत लाइन/सपोर्ट से छेड़छाड़ की गई है तो विभाग तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करे। वहीं यदि विभागीय infrastructure की खराबी/असुरक्षित स्थिति लंबे समय से मौजूद है और शिकायत के बाद भी सुधार नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।


📢 E-MEDIA NEWS का सवाल

क्या किसी हादसे का इंतजार किया जाएगा?

जब बिजली के तार कथित तौर पर जमीन से केवल 3–4 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे हों और स्थान रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के पास सार्वजनिक आवागमन वाला क्षेत्र हो, तो इसे सामान्य तकनीकी समस्या मानकर टालना गंभीर लापरवाही साबित हो सकती है।

आज वहां कोई बच्चा पहुंच सकता है, कोई बुजुर्ग गुजर सकता है, कोई राहगीर लोहे का सामान लेकर निकल सकता है या कोई पशु तार की चपेट में आ सकता है।


हादसा होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि हादसा होने से पहले विद्युत विभाग कार्रवाई करे।

⚡ E-MEDIA NEWS की अपील

न तार को छुएं, न उसके पास जाएं और न ही स्वयं उसे हटाने/ऊंचा करने की कोशिश करें।

नवादा के नागरिक इस तरह की विद्युत आपात स्थिति की शिकायत 1912 पर दर्ज करा सकते हैं। शिकायत संख्या सुरक्षित रखें ताकि बाद में उसके निस्तारण की स्थिति भी पूछी जा सके।


स्थान: मालगोदाम मोहल्ला, न्यू रेलवे स्टेशन मुख्य गेट के समीप, नवादा, बिहार

रिपोर्ट: उदय उपाध्याय

E-MEDIA NEWS | नवादा, बिहार

नोट: इस रिपोर्ट में घटनास्थल की स्थिति स्थानीय जानकारी एवं उपलब्ध फोटो के आधार पर प्रस्तुत की जा रही है। तार का वास्तविक voltage, ownership और तकनीकी स्थिति विद्युत विभाग की आधिकारिक जांच से ही निश्चित होगी।

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